इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमएड कर रही छात्रा का शव सोमवार को संदिग्ध हालात में उसके असिस्टेंट प्रोफेसर दोस्त के कमरे में फांसी पर लटका मिला। दोस्त की सूचना पर पहुंची पुलिस को जांच-पड़ताल के दौरान सुसाइड नोट मिला। ‘इसमें लिखा था कि अंजलि की वजह से मेरी जिंदगी तबाह हो गई। अब मैं जीना नहीं चाहती।’ फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोस्त से पूछताछ की जा रही है।
ममता भाटिया(27) पुत्री चंद्रबली मूल रूप से वाराणसी में डीएलडब्ल्यू की रहने वाली थी। वह इविवि के शताब्दी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर एमएड की पढ़ाई कर रही थी और वर्तमान में द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा थी। सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे संदिग्ध हालात में उसका शव कर्नलगंज के मोतीलाल नेहरू रोड पर रहने वाले दोस्त संजय कुमार के घर में फांसी पर लटकता मिला। संजय ने ही शव को सबसे पहले देखा और पुलिस को सूचना दी।
संजय ने पुलिस को बताया कि वह रानीगंज, प्रतापगढ़ के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर है। ममता करीब डेढ़ सालों से उसकी दोस्त थी। उसने बताया कि सोमवार को उसके कॉलेज में परीक्षा थी, ऐसे में वह सुबह ही कमरे में ताला बंद कर निकल गया। कॉलेज से लौटने पर पाया कि ताला खुला था लेकिन दरवाजा भीतर से बंद नहीं था। अंदर जाने पर देखा कि ममता फांसी पर लटकी हुई थी। उसने शव को फंदे से उतारकर सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंची। जांच पड़ताल के बाद घरवालों को भी मामले की सूचना दी गई। मौके पर फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। फोरेंसिक टीम की जांच में मृतका की जींस पैंट की जेब से सुसाइड नोट मिला। इसके बाद पुलिस संजय को थाने ले गई। देर रात तक उससे पूछताछ जारी थी।
पुलिस के मुताबिक, मृतका की जेब में मिले सुसाइड नोट में किसी अंजलि को घटना का जिम्मेदार बताया गया है। इसमें लिखा है, मम्मी, अंजलि की वजह से मेरी जिंदगी तबाह हो गई। अब मैं जीना नहीं चाहती। मुझे माफ कर दो।’