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शुआट्स के कुलपति को हाईकोर्ट से झटका

Tue, 19 Dec 2017 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। शुआट्स के एक्सिस बैंक स्थित खाते से 23 करोड़ रुपये के गबन के मामले में शुआट्स के कुलपति, प्रति कुलपति और निदेशक सहित कई बड़े अधिकारियों को हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में संस्थान के आठ अधिकारियों द्वारा दाखिल याचिकाएं खारिज कर दी हैं। याचिकाओं में इस प्रकरण में दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी रोकने की मांग की गई थी।
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कोर्ट ने कुलपति आरबी लाल, निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल, प्रति कुलपति सुनील बी लाल, प्रति कुलपति अजय कुमार, एलिसन लारेंस, रंजन ए जॉन कोषाध्यक्ष, आशीष कुमार एकाउंटेंट और सहायक वित्त नियंत्रक संदीप खन्ना की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए याचिकाएं कर दी हैं। याचिकाओं पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ ने सुनवाई की। याचीगण का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी ने रखा। कोर्ट ने एक्सिस बैंक के अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता, आशुतोष मिश्र, शोभित जायसवाल, सुशांत गुप्ता, शैलाभ प्रजापति, संतोष पंकज की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से भी इंकार कर दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता विनोद कांत, एजीए निखिल चतुर्वेदी और अली मुर्तजा ने याचिका का विरोध किया।

याचीगण के अधिवक्ता ने दलील दी कि इन अधिकारियों की गबन में कोई संलिप्तता नहीं है और न ही किसी के खिलाफ साक्ष्य है। बैंक की गड़बड़ी से याचीगण का कोई लेना देना है। कोर्ट का कहना था कि याचीगण संस्थान के कुलपति और जिम्मेदार अधिकारी हैं। इतने बड़े गबन की उनको जानकारी न हो, यह संभव नहीं लगता है। कोर्ट ने जांच अधिकारी से सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि जांच अभी जारी है। जांच अधिकारी जैसा साक्ष्य पाएंगे उस हिसाब से कार्यवाही होगी।
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एक्सिस बैंक कर्मियों की ओर से दलील दी गई कि विभागीय जांच में उनको वित्तीय अनियमितता का दोषी नहीं पाया गया है। कई लोग अभी भी काम कर रहे हैं और कुछ को विभागीय स्तर पर चेतावनी दी गई है। कोर्ट का कहना था कि पुलिस की जांच अभी चल रही है। इसलिए गिरफ्तारी पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है। 
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