यमुनापार में घूरपुर्र के इमिलिया गांव में शुक्रवार शाम मजदूरी के बाद घर लौटे युवक ने झगड़े के दौरान पत्नी पर उस्तरे से वार किए, फिर बाहर निकल खुद को गोली से उड़ा दिया। उसने अपने सीने पर गोली मारी थी। वहीं उसकी मौत हो गई। खबर पाकर पहुंचे पुलिस अफसरों ने घटना की जांच की। पुलिस तहकीकात कर रही है कि घटना के पीछे गरीबी के चलते घरेलू कलह है या फिर किस्सा कुछ और है। रिश्तेदारों से भी पुलिस ने बात की है।
इमिलिया गांव निवासी सुभाष विश्वकर्मा (32) चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। वह मजदूरी के सहारे पत्नी रेखा, 11 साल की बेटी आयशी और आठ वर्षीय पुत्र साहिल के साथ गुजारा करता था। रेखा ने घर में कपडे़ सिलने की दुकान खोल रखी थी। शुक्रवार शाम करीब साढे़ पांच बजे वह घर लौटा तो दोनों बच्चों को पड़ोसी के यहां भेज दिया। पत्नी रेखा के मुताबिक, सुभाष ने पीने के लिए पानी मंगाया। वह पानी लेकर आई तो वह उससे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करने लगा। उसने मना किया कि बाहर से बच्चे या कोई आ सकता है, मगर वह फिर जिद करते हुए खींचतान करने लगा।
इस पर बौखलाहट में सुभाष ने रेखा पर उस्तरे से कई वार किए। हाथों के अलावा गले पर गहरा घाव होने पर रेखा लहूलुहान हो गई तो सुभाष तमंचा लेकर घर से बाहर भागा। फिर गोली चलने की आवाज आई। आसपास के लोग तथा परिजन भागकर उधर गए तो घर के पास खेत में सुभाष खून से लथपथ पड़ा मिला। उसकी मौत हो चुकी थी। उसके हाथ में नाजायज तमंचा फंसा था। खबर पाकर घूरपुर थाने की पुलिस के साथ सीओ करछना अलका भटनागर वहां पहुंच गई। उन्होंने पत्नी रेखा तथा दोनों बच्चों से अलग-अलग बात की।
पत्नी का कहना है कि सुभाष ने उस पर हमले के बाद खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वजह संबंध बनाने से इनकार करना रहा। उसने यह भी बताया कि सुभाष ने कई माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से पैसे उधार लिए थे। कुछ पैसे घर बनाने में लगा दिए। बाकी बची रकम साल में पैसे तीन गुने करने वाली संस्था में लगा दी, मगर संचालक ही पैसे लेकर फरार हो गए। इस वजह से भी वह घर में अक्सर झगड़ा करता था क्योंकि उधार देने वाली कंपनियों के लोग उस घेरते थे।