मऊआइमा इलाके में बलात्कार के तेईस रोज बाद सात साल की बालिका की मंगलवार रात घर से उठाकर बेरहमी से हत्या की वारदात में राजनीति भी गर्मा गई है। बृहस्पतिवार को अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल के साथ ही भाजपा के भी नेताओं ने गांव जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। शोक जताने के साथ ही इन नेताओं ने सपा सरकार को कोसा और न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी। सोरांव के सपा विधायक ने भी गुरुवार को गांव जाकर पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता का भरोसा दिया। हत्याकांड के बाकी आरोपी फरार हैं।
सात साल की बालिका से पांच जून की शाम पड़ोस में रहने वाले गुप्ता परिवार के 14 साल के लड़के ने पशुशाला के भीतर रेप किया था। घटना के 21 रोज बाद मऊआइमा थाने की पुलिस ने एफआईआर लिखकर आरोपी लड़के को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेजा। लड़की को मंगलवार दोपहर मेडिकल टेस्ट की खातिर डफरिन ले जाने के बाद शाम को उसकी मां के साथ घर भेज दिया गया। अभी कुछ और टेस्ट होने बाकी थे लेकिन मंगलवार आधी रात घर के दरवाजे पर मां के बगल चारपायी पर सोते में ही उसे उठाकर मार डाला गया।
मां के शोर मचाने पर जुटे लोगों ने खोजबीन की तो घर से कुछ दूर खेत में बालिका की रक्तरंजित लाश मिली थी। बालिका की मां ने आरोपी लड़के के पिता, तीन चाचा और ग्राम प्रधान पति देवानंद यादव के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने एक आरोपी कंहईलाल को पकड़ा है मगर उसने जुर्म नहीं कुबूला। इस दुखद घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। विरोधी दलों को भी सपा सरकार के खिलाफ हमला बोलने का मौका मिल गया। बृहस्पतिवार को अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल प्रतापगढ़ में विश्वनाथगंज के विधायक के साथ ने गांव जाकर बालिका की मां समेत परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने सपा सरकार को कोसते हुए कहा कि पुलिस तो अंग्रेजों के शासनकाल की तरह अपने ही लोगों पर जुल्म ढा रही है। फाफामऊ में जबरन बालिका का अंतिम संस्कार कराने के विरोध पर लोगों को पीटा गया और फर्जी मुकदमा भी लिख दिया गया।
अगर आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही फर्जी केस रद्द नहीं किया गया तो सरकार विरोधी आंदोलन किया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी बहरिया ब्लाक के जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र चौधरी और प्रवीण श्रीवास्तव धुन्नू भैया के नेतृत्व में एसपी यमुनापार से मिलकर कहा कि बालिका की हत्या के बाद शव जबरन दफनाने के विरोध पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिससे कई महिलाओं को भी चोट पहुंची। फिर उल्टा पुलिस ने उनके ही खिलाफ केस दर्ज किया। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर मऊआईमा के थानेदार को लाइनहाजिर किया जाए। इसी बीच, सोरांव के विधायक सत्यवीर मुन्ना ने भी गांव जाकर पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि उन्हें लोहिया आवास के साथ ही समाजवादी पेंशन भी दिलाई जाएगी। उधर, पुलिस ने दिन भर छापेमारी की लेकिन कोई आरोपी नहीं पकड़ में आया।
बालिका के शव के अंतिम संस्कार को लेकर परिजनों-रिश्तेदारों तथा पुलिस के बीच खींचतान की घटना में सोरांव थाने में पुलिस की तरफ से प्रीतम पटेल, रामशीला, कल्पना और अन्य लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, सरकारी काम में बाधा और पुलिसकर्मियों को बंधक बनाने के आरोप में केस लिखा गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने ही उनके रिश्तेदारों को पीटा और उल्टा फर्जी मुकदमा भी लिख दिया।