मऊआइमा इलाके में बलात्कार के तेईस रोज बाद सात साल की पीड़ित बालिका का मंगलवार रात घर से अपहरण करने के बाद कत्ल कर दिया गया। कातिल उसे मां के बगल चारपायी पर से उठा ले गए थे। उसकी मां पर भी हमला किया लेकिन वह बच गई। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो घर से कुछ दूर चरी के खेत में बालिका की लाश मिली। उसे धारदार हथियार से मारा गया था। आरोप है कि बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार लड़के के परिजनों ने ही उसे सजा से बचाने के लिए यह बेरहमी की है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसने कत्ल का गुनाह नहीं कुबूला। लड़की का अभी मऊआइमा थाने की पुलिस मेडिकल चेकअप भी पूरा नहीं करा सकी थी।
मऊआइमा के एक स्कूल में कक्षा दो में पढ़ने वाली इस बालिका का पिता सूरत में नौकरी करता है। वह यहां अपनी मां, दो बड़ी बहनों और भाई के साथ रहती थी। पांच जून की शाम पड़ोस में रहने वाले 14 वर्षीय लड़के ने उसे पशुबाड़े में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। बच्ची की मां को पता चला तो उसने आरोपी लड़के के घर में शिकायत की। बीस दिन तक मामले में दोनों तरफ से बातचीत होती रही। सोमवार को बालिका की मां ने मऊआइमा थाने जाकर बेटी के साथ रेप की जानकारी देते हुए आरोपी लड़के के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट के आदेश पर बाल सुधार गृह भेज दिया गया। पीड़ित बालिका को मंगलवार दोपहर मेडिकल टेस्ट के लिए डफरिन अस्पताल ले जाया गया। बुधवार को भी कुछ और टेस्ट तथा एक्सरे होना था। मंगलवार शाम मां के आग्रह पर पुलिस ने बालिका को उसके घर भेज दिया था।
रात में तीनों बेटियों और बेटे के साथ महिला घर के दरवाजे पर लेटी थी। बालिका मां के करीब छोटी चारपायी पर सोई थी। महिला का आरोप है कि आधी रात करीब एक बजे कई लोग आए और उसकी सात वर्षीय बेटी को उठाकर ले जाने लगे। विरोध किया तो उस पर भी हमला किया। महिला के मुताबिक, उसने एक व्यक्ति के हाथ पर दांत भी काटा था। उन लोगों के जाने के बाद वह चीखने लगी तो आसपास के लोग घरों से निकल आए। मऊआइमा पुलिस के साथ सीओ सोरांव लालप्रताप सिंह भी पहुंच गए। बालिका की खोजबीन शुरू हुई तो घर से करीब तीन सौ मीटर दूर चरी के खेत में उसकी लाश मिली। बालिका के सिर, गर्दन समेत कई जगह जख्म थे।
पुलिस का अनुमान है कि उस पर कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार से वार किए गए थे। मां ने रेप के आरोप में जेल भेजे गए आरोपी लड़के के पिता संतलाल गुप्ता, चाचा बसंतलाल, सोहनलाल, कंहईलाल और प्रधान पति देवानंद यादव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। आरोप है कि बालिका का मेडिकल टेस्ट और कोट में बयान दर्ज होने नहीं पाए इसलिए उसकी हत्या की गई। पुलिस ने छापा मारकर एक आरोपी कंहईलाल को गिरफ्तार कर लिया मगर वह खुद को बेकसूर बताता रहा। बाकी आरोपी फरार हैं। मौके पर एसएसपी जोगेंद्र कुमार, एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद, एसपी गंगापार राजेश श्रीवास्तव, क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय भी पहुंचे। खोजी कुत्ते को भी वहां लाया गया। थानाध्यक्ष सुनील दुबे का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।