रानीगंज थाना क्षेत्र के भैसोना गांव के ग्रामीणों ने अपना अमूल्य मत देकर जिसे मुखिया चुना था वह बहुत बड़ा चोर निकला। उसने मुंबई से सैकड़ों वाहन चुराकर दूसरे प्रदेशों में बेचा था। मुंबई पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। बुधवार को उसे एसटीएफ और पुलिस की स्पेशल टीम ने धर दबोचा। बाद में उसे मुंबई क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया गया। जिसे लेकर मुंबई पुलिस रवाना हो गई।
रानीगंज थाना क्षेत्र के भैसोना का प्रधान कलीम उर्फ जावेद राहिद अली की मुंबई पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। मुंबई क्राइम ब्रांच के सहायक निरीक्षक बडक़ पाटिल ने उसे पकड़ने के लिए एसटीएफ से मदद मांगी थी। जिसके बाद लखनऊ एसटीएफ के निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह और पुलिस अधीक्षक की स्पेशल टीम के प्रभारी डीडी सिंह ने उसे दबोचने के लिए जाल बिछाया। बुधवार दोपहर शहर की ओर आते समय एसटीएफ व स्पेशल टीम ने उसे बभनमई के पास दबोच लिया।
इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया। एसटीएफ के निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह ने बताया कि प्रधान जावेद सैकड़ों लग्जरी गाड़ियां मुंबई से चुराकर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, कलकत्ता में बेच चुका है। चोरी गए 80 लग्जरी वाहनों को मुंबई पुलिस बरामद कर चुकी है। वहां सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी कैद हुआ है। जिले में वह चोरी की घटना नहीं करता था। उसकी मां भी प्रधान रह चुकी हैं।
पहली बार व्हाटसएप कालिंग से बातचीत करने वाले तक पहुंची पुलिस
एसटीएफ लखनऊ के इंस्पेक्टर हेमंत भूषण सिंह ने बताया कि शातिर वाहन चोर जावेद पुलिस से बचने के लिए अपने करीबियों से केवल व्हाट्सएप पर बातचीत करता था। जिससे वह पुलिस से बच सके। कई बार प्रयास के बाद भी वह पुलिस के हाथ नही लगा था। इस बार वह व्हाट्सएप कालिंग का प्रयोग करते समय ही एसटीएफ के हत्थे चढ़ा। वह मोबाइल का भी प्रयोग बहुत शातिराना अंदाज में किया करता था।