यमुनापार के मेजा इलाके में चार रोज पहले 22 साल के आशीष कुमार कुशवाहा की सिर कूंचकर हत्या की वारदात में कातिल कोई और नहीं उसका चचेरा भाई ही निकला। पुलिस ने छानबीन के बाद बृहस्पतिवार को चचेरे भाई पवन कुशवाहा उर्फ गोला को गिरफ्तार कर लिया। उसने कबूला कि मारा गया आशीष उसकी पत्नी के बारे में गलत बोल रहा था इसलिए उसने तैश में आकर उसके चेहरे पर पत्थर से वार कर दिया था।
सीकी कला मेजा में रहने वाले किसान रामचंद्र कुशवाहा का पुत्र आशीष कुमार (22) रविवार दोपहर घर से निकला तो फिर लौटा नहीं। रात में आठ बजे लोगों ने भूसा रखने वाले एक मड़हा में उसका शव देखा तो खलबली मची। उसका सिर और चेहरा पत्थर से कुचला था। वहीं वजनी पत्थर भी पड़ा मिला। खबर पाकर पुलिस पहुंची तो परिजनों ने उसके दो-तीन दोस्तों पर कत्ल का इल्जाम लगाया। हालांकि पुलिस ने छानबीन की तो कुछ और ही किस्सा सामने आया। एसपी यमुनापार अशोक कुमार के मुताबिक, बृहस्पतिवार को थानाध्यक्ष मेजा तारकेश्वर राय ने हत्याकांड में आशीष के चचेरे भाई पवन कुमार कुशवाहा उर्फ गोला को गिरफ्तार कर लिया।
उसने अपना गुनाह कुबूल भी कर लिया। पवन उर्फ गोला दिल्ली की एक फैक्ट्री में नौकरी करता है। सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे के अनुसार, पवन का करीब डेढ़ साल पहले ब्याह हुआ है। पत्नी यहीं गांव में ससुरालियों संग रहती है। आशीष के कत्ल से दो दिन पहले ही गोला दिल्ली से आया था। घटना वाले दिन दोपहर में वह मेजा की तरफ जा रहा था तभी रास्ते में उम्र से उससे करीब दो साल छोटा चचेरा भाई आशीष मिला। उसने कहा कि दिल्ली से आए हो चले कुछ खाना-पीना कराओ। वे दोनों बसहरा गए। वहां देशी शराब के ठेके पर जाकर शराब पी। गोला का कहना है कि वहां से गांव लौटते वक्त आशीष शराब के नशे में बार-बार कहता रहा कि तुम दिल्ली जाओ मैं तुम्हारी बीवी का ख्याल रखूंगा।
वह चिढ़ाने के अंदाज में ऐसा कहता रहा। वे दोनों गांव से हटकर एक मड़हा में जाकर लेट गए। तब भी आशीष उसे चिढ़ाता रहा कि उसके दिल्ली जाने के बाद वह उसकी पत्नी से मिलता रहेगा। बौखलाकर गोला ने पत्थर का भारी टुकड़ा उठाकर आशीष के सिर पर दे मारा। उसका सिर फट गया तो वह भाग गया। गोला का कहना है कि उसे घटना पर अफसोस है लेकिन आशीष की हरकत ने उसे क्रोध में अंधा कर दिया था।