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कीडगंज थानाध्यक्ष और पांच सिपाहियों पर गाज

Sat, 18 Jun 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था। - फोटो : Demo Pic
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किराएदार और मकान मालिक के बीच विवाद में एक पक्ष की अनावश्यक रूप से मदद करते हुए दूसरे पक्ष को बेवजह परेशान करने के आरोप में कीडगंज के थानाध्यक्ष गरभू सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया। जीप ड्राइवर समेत पांच सिपाही भी लाइन हाजिर हुए हैं। शिकायत पर सीओ से जांच कराकर एसएसपी ने यह सख्त कार्रवाई की है। जांच के बीच ही थानेदार ने शुक्रवार सुबह एक पक्ष के व्यक्ति को अवैध रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार दिखा दिया था, जिससे कप्तान और भड़क गए। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद विभागीय जांच एएसपी को सौंप दी गई है।
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एसएसपी कैंप कार्यालय से बताया गया कि कीडगंज के बाई का बाग में गोपाल जी गुप्ता और राजुल गुप्ता के बीच लंबे समय से मकान और दुकान पर कब्जे का विवाद चल रहा है। वे सभी एक ही परिवार के चाचा-भतीजा हैं। कीडगंज थानाध्यक्ष गरभू सिंह यादव के खिलाफ कई बार शिकायत मिली कि वह इस विवाद में गलत ढंग से राजुल गुप्ता का पक्ष लेते हुए दूसरे पक्ष को परेशान कर रहे हैं। कुछ दिन पहले थानेदार ने राजुल गुप्ता के चचेरे भाइयों के खिलाफ महिलाओं से बदसलूकी और धमकी का मुकदमा लिखा और जांच भी खुद ही शुरू कर दी। जबकि थाने में इस मामले के अलावा तमाम आपराधिक मुकदमे लंबित हैं मगर थानेदार को उनकी जरा भी फिक्र नहीं रही। इस बीच राजुल गुप्ता ने एक और कमरे में कब्जे का प्रयास किया।

आरोप है कि पुलिस ने उसका साथ देते हुए विपक्षी परिवार की महिलाओं से मारपीट और अभद्रता की। थानाध्यक्ष कीडगंज ने राजुल के ही इशारे पर विरोधी पक्ष के संतोष गुप्ता को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक देशी रिवाल्वर और कारतूस बरामद दिखा दिया। एसएसपी जोगेंद्र कुमार के आदेश पर सीओ बैरहना कृष्ण गोपाल सिंह ने जांच की तो थानेदार और सिपाही पद का दुरुपयोग करने के दोषी मिले। सीओ की जांच रिपोर्ट मिलने पर शुक्रवार को एसएसपी ने थानाध्यक्ष गरभू सिंह यादव को निलंबित तथा सिपाहियों विजय यादव, हरेराम यादव, रामजी यादव, मोतीलाल तथा सरकारी जीप ड्राइवर को लाइनहाजिर कर दिया। साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए जांच एएसपी को सौंप दी गई है। 
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थानाध्यक्ष गरभू सिंह यादव खुद को मुख्यमंत्री के बेहद करीबी एक बड़े सपा नेता का नाम लेकर लोगों पर धौंस जमाते थे कि उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता जबकि कामकाज में वह लगातार लापरवाह और फिसड्डी रहे। उतरांव से भी उन्हें लाइनहाजिर किया गया था लेकिन सपा नेता के ही चलते कीडगंज की थानेदार हासिल कर ली। मगर अब कप्तान ने भी उनकी धौंसबाजी को जाना तो उन्हें निलंबित कर दिया। 
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