गौतमबुद्ध नगर के दादरी थानाक्षेत्र में कुख्यात जावेद गैंग के साथ मुठभेड़ के दौरान सब इंस्पेक्टर को अकेला छोड़कर भाग जाने के आरोपी पुलिसकर्मियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने विभागीय स्थानांतरण को चुनौती देने वाली उनकी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इन 12 पुलिसकर्मियों का प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तबादला कर दिया गया है। इन तबादलों को याचिकाएं दाखिल कर चुनौती दी गई थी। याचिकाओं पर न्यायमूर्ति बी अमित स्थालेकर ने सुनवाई की।
पुलिसकर्मियों की ओर से अधिवक्ता विजय गौतम ने बहस की। कहा गया कि गौतमबुद्ध नगर में पंचायत चुनाव के कारण आचार संहिता लागू है, इसलिए स्थानांतरण से पूर्व चुनाव आयोग की अनुमति लेना अनिवार्य था, मगर बिना चुनाव आयोग की अनुमति के सभी 12 पुलिस कांस्टेबलों को प्रदेश के विभिन्न जिलों फैजाबाद, फतेहपुर, बाराबंकी, जालौन, कानपुर आदि में स्थानांतरित कर दिया गया है। आरोप है कि स्थानांतरण सपा एमएलसी नरेंद्र भाटी और सपा के शहर अध्यक्ष आजाद सिद्दीकी के दबाव में किया गया है। पुलिसकर्मियों द्वारा 30 मई को इस संबंध में याचिका दाखिल करने के बाद एक जून को चुनाव आयोग से स्थानांतरण की अनुमति प्राप्त की गई। कोर्ट ने विभागीय स्थानांतरण में कोई हस्तक्षेप किए बिना याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल 2016 को दादरी थानाक्षेत्र में एक मकान में जावेद गैंग के छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने उस मकान पर दबिश दी थी। पुलिस के पहुंचते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिससे सब इंस्पेक्टर अख्तर खान की मौके पर ही मौत हो गई, साथ गए सभी पुलिसकर्मी अख्तर को वहीं छोड़कर मौके से भाग गए थे। इसके बाद इन सभी का गौतमबुद्ध नगर से स्थानांतरण कर दिया गया।