सलोरी इलाके में गल्ला बाजार रेलवे क्रॉसिंग पर बुधवार शाम नगर निगम की कूड़ा गाड़ी (मिनी ट्रक) से कुचलकर मां-बाप की आंखों के सामने दो साल के मासूम की मौत हो गई। बच्चे का खून से लथपथ शव देखकर राहगीरों की रूह क ांप गई। इकलौते बेटे का शव देख माता-पिता रोते-रोते अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना के बाद भाग रहे मिनी ट्रक के चालक को पकड़ लिया। कुछ देर पहले हंसी खुशी घर से निकले माता-पिता मासूम का शव लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया।
कर्नलगंज में बड़ी बगिया निवासी रमेश सक्सेना का इकलौता बेटा मनीष सक्सेना ट्रेवेल्स का काम करते हैं। वह बुधवार शाम को पत्नी गुड़िया और बेटे अभि (2) के साथ स्कूटी से कटरा जा रहे थे। घर से लगभग पांच सौ मीटर दूर स्थित गल्ला बाजार रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद था। ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खुला तो लोग जल्दी निकलने के चक्कर में तेजी से वाहन लेकर आगे बढ़े। मनीष की स्कूटी में नगर निगम की कूड़ा गाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दिया। टक्कर से स्कूटी अनियंत्रित हो गई और अभि मां की गोद से छिटककर सड़क पर गिरा और मिनी ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गया।
मासूम का सिर कुचलने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद अफरातफरी मच गई। इकलौते बेटे का शव देखकर गुड़िया और मनीष चीख पड़े। मां गुड़िया बेटे के शव को सीने से लिपटाकर बिलखते हुए अचेत हो गई। भीड़ ने मिनी ट्रक के चालक पुनीत कुमार निवासी बख्शी बांध को पकड़ लिया। खबर पाकर कर्नलगंज पुलिस पहुंची। वहीं दस मिनट पहले घर से निकले मनीष और पुलिस के साथ बेटे का शव लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। पोते का शव देखकर रमेश की आंखों से आंसू छलक आए।
बड़ी बगिया निवासी मनीष के घर शादी के एक साल बाद बेटे ने जन्म लिया था तो घर में खुशी आ गई थी। घर में अकेला बच्चा होने के चलते अभि माता-पिता के साथ दादा-दादी के आंखों का भी तारा था। बुधवार शाम दुर्घटना में बच्चे की मौत के बाद से घर में गम का माहौल है।
घटना के समय उधर से गुजर रहे गल्ला बाजार निवासी शेखर कुमार के मुताबिक जल्दी निकलने के चक्कर में इतना दर्दनाक हादसा हुआ। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के चलते हादसा हुआ। बड़ी बगिया के रामू और सलोरी निवासी रोहित तिवारी के मुताबिक सालों से आईईआरटी के पास ओवरब्रिज बनाने की मांग चल रही है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं है। जिसने भी दर्दनाक हादसे के बारे में सुना उसकी रूह कांप गई। घटना को लेकर इलाके के लोगों में आक्रोश है। गम में डूबे परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। दो घंटे बाद बच्चे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।