फतूहां गांव में बृहस्पतिवार सुबह गोकशी की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची सरायइनायत थाने की पुलिस ने 15 व्यक्तियों को दबोचा तो उनके परिवार और बस्ती के लोगों ने हमला बोल दिया। ईंट-पत्थर चलाकर लोगों ने आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा लिया। हमले की खबर पाकर कई थानों की फोर्स के साथ सीओ भी पहुंच गए। पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इक्कीस लोगों के खिलाफ केस लिखा गया। वे सभी फरार हैं। पुलिस ने मौके से कई मवेशी बरामद किए साथ ही कई कटे मवेशी भी जब्त हुए।
थानाध्यक्ष सरायइनायत अमित मिश्रा को पता चला कि फतूहा गांव में बड़े स्तर पर गाय-भैंस को काटकर मांस की तस्करी की जा रही है। उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे पुलिस बल के साथ फतूहां में छापा मारकर 15 लोगों को मवेशियों को काटते हुए पकड़ लिया। पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी से खलबली मच गई। बस्ती वाले जुट गए। भीड़ ने पुलिस दस्ते पर हमला कर दिया। पुलिसवाले घिरे तो पकड़े गए 15 लोगों को भीड़ ने पथराव कर छुड़ा लिया। वायरलेस पर खबर पाकर सीओ फूलपुर वहां तीन थीनों की फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने अबरार, वाहिदा और उसकी बेटी शाहिदा को गिरफ्तार कर लिया।
बाकी लोग भाग गए। पुलिस को वहां पांच मवेशी कटे मिले। इसके अलावा एक भैंस समेत पांच मवेशी बरामद किए गए जो कटने को वहां लाए गए थे। मौके से पांच छुरे, दो गुप्ती, पांच बांका और आठ बाइक भी बरामद की गई। जीवित मवेशी ग्रामीणों को सुपुर्द कर दिए गए। कटे मवेशियों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद जमुनीपुर कोटवा के कछार में दफनाया गया। इस मामले में थानाध्यक्ष सरायइनायत ने 21 लोगों फाजिल, पप्पू, आलिम, फरजाना, इलमा, मेहंदी, शमीम, मोहम्मद बाबू, फारूख, कयूम, अयूब, पप्पू, कुरैशी, सईद, शमीम, मु्न्ना, कल्लन, सोनू, नसीम, इरशाद, नौशाद और नसीर के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, बलवा, पुलिस पर हमले, जान से मारने की धमकी की केस लिखा है।