यमुनापार के करछना में बृहस्पतिवार भोर में शराब के धंधेबाजों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। तस्करों ने लाठी-डंडा और ईंट-पत्थर लेकर थानेदार समेत पुलिस वालों को दौड़ाया तो वे जीप छोड़कर भाग निकले। हमलावरों ने ईंट पत्थर चलाकर पुलिस जीप तोड़ दी। इसमें तीन सिपाही भी घायल हो गए जबकि एक सिपाही की रायफल छीन ली गई। कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस अफसर पहुंचे तब गांव में घेरेबंदी कर दबिश दी गई। पुलिस ने तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी घर छोड़कर फरार हैं। इस मामले एसओ करछना की तहरीर पर 16 नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ पुलिस पर हमला, सरकारी काम में बाधा, पथराव समेत अन्य धाराओं में मुकदमा लिखा गया है।
एसओ करछना को सूचना मिली थी मछहर उर्फ पुरवा गांव में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाई जाती है। होली के लिए बड़े पैमाने पर शराब तैयार हो रही है। बृहस्पतिवार भोर में एसओ एके सिंह, दरोगा शैलेश सिंह, अखिलेश्वरानंद मिश्र पांच सिपाहियों के साथ मछहर गांव में दबिश देने गए। पुलिस जीप के गांव में घुसते ही खलबली मच गई। तस्करों ने हल्ला बोल दिया। जिसके चलते सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरूषों ने लाठी, डंडा और ईंट-पत्थर लेकर पुलिस टीम को दौड़ा लिया। घिरे दरोगा सिपाही पीछे भागे तो हमलावरों ने पथराव कर दिया। हमले में सिपाही हनुमान सिंह के पैर में पत्थर लगा और वह गिर पड़े। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया।
किसी तरह साथी पुलिसवाले उन्हें उठाकर भागे। सिपाही संतोष कुमार, देवेंद्र सिंह के सिर में चोट आई है। एसओ करछना भी मामूली रूप से जख्मी हैं। गांव से बाहर निकलकर पुलिस टीम ने हमले की खबर अफसरों की दी। इसके बाद खीरी, मेजा, शंकरगढ़, औद्योगिक क्षेत्र, नैनी, बारा, कौंधियारा पुलिस के साथ सीओ करछना ब्रजनंदन राय और एसपी यमुनापार पीएसी लेकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस गांव में घुसी। गांव का नजारा देखक र पुलिस अफसर सन्न रह गए। दर्जनों घरों में शराब की भट्टी धधक रही थी। पुलिस ने भट्टियों को तोड़ दिया। शराब बनाने के उपकरण जब्त कर लिए।
तैयार अवैध शराब और सैकड़ों कुंतल लहन नष्ट कर दी। पुलिस ने दबिश के दौरान महेंद्र कुमार, रोशन लाल, गुड्डू को दबोच लिया है। प्रधान पति महेंद्र कुमार, प्रधान राजकुमारी, मुन्नालाल, बबलू, महेंद्र, राममनी चौकीदार, रोहित, कंधई उर्फ कन्हैया लाल, राममनी, दिलीप, कल्ला, चंद्रबली, शोभालाल, नंदलाल समेत 16 नामजद और 30 अज्ञात के खिलाफ, बलवा, सरकारी काम में बाधा, पुलिस टीम पर हमला, लूट की कोशिश, पथराव और 7 सीएलए के तहत मुकदमा लिखा गया है। पकड़े गए आरोपी महेंद्र कुमार, रोशन लाल, गुड्डू को पुलिस ने जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। एसओ करछना एके सिंह ने बताया कि बड़े पैमाने पर कच्ची शराब के कारोबार के चलने की सूचना पर पुलिस टीम दबिश देने गई थी। तभी माफिया ने हमला बोल दिया।
करछना के मछहर उर्फ पुरवा गांव में चल रहे अवैध शराब के कारोबार में करछना थाने का ही चौकीदार राममनी और प्रधानपति महेंद्र कुमार भी लिप्त थे। गांव के लगभग हर घर में देशी शराब कारोबार होता है। प्रधानपति, प्रधान और चौकीदार की मिलीभगत सामने आई है। जब भी पुलिस दबिश देने जाती थी, चौकीदार मुखबिरी कर देता था। जिसके चलते पुलिस खाली हाथ लौट आती थी। प्रधान की पैठ का भी फायदा ग्रामीणों को मिलता था। पुलिस वालों की माने तो प्रधानपति और चौकीदार ने ग्रामीणों को पुलिस टीम पर हमले के लिए ललकारा था।
गांव में पुलिस की दबिश के बाद बड़े पैमाने पर अवैध शराब के धंधे का पता चला है। सालों से इस गांव के दर्जनों घरों में कच्ची शराब का कारोबार चल रहा था लेकिन आबकारी अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी। यमुनापार के कई अन्य गांवों में भी बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाई जाती है। आबकारी महकमे की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है लेकिन काली कमाई के चक्कर में आबकारी महकमा आंख बंद किए रहता है।