कचहरी में मंगलवार की दोपहर एक केस में बयान कराने आए दरोगा सतीश राय को कोर्टरूम में ही दिल का दौरा पड़ गया। वह गिरकर बेहोश हो गए। उन्हें पास के ही अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शाम को ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बुधवार की सुबह पुलिस लाइन में अंतिम सलामी के बाद शव को घर वालों को सौंप दिया जाएगा।
मूल रूप से गाजीपुर के भांवरकोल परसदा गांव के रहने वाले सतीश राय यमुनापार के औद्योगिक थाना क्षेत्र की सड़वा चौकी के प्रभारी थे। वह परिवार समेत चकिया मुहल्ले में रहते थे। मंगलवार की दोपहर वह एक केस के सिलसिले में 164 का बयान कराने के लिए कचहरी गए थे। दोपहर में कोर्ट रूम में ही अचानक वह असहज महसूस करने लगे। वहीं उन्हें हार्ट अटैक आया और वह गिर पड़े। उन्हें तुरंत उठाकर पास में ही गंगा हास्पिटल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। सूचना पर एसपी यमुनापार दीपेंद्र चौधरी समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पत्नी और बच्चे भी रोते बिलखते पहुंचे। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि दरोगा सतीश राय के शव का पोस्टमार्टम शाम को ही कराया गया। बुधवार की सुबह पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी जाएगी। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। दरोगा सतीश राय के पिता राम निरंजन भी पुलिस महकमे में दरोगा थे। अब वह रिटायर हो चुके हैं। परिवार में पत्नी रीना राय के अलावा दो बच्चे सौम्या और अंश हैं। सभी का रो रोकर बुरा हाल था।
दरोगा सतीश राय दोपहर में कोर्ट में रूम में खड़े थे। उस वक्त भारी भीड़ थी। गर्मी, उमस और भीड़ की वजह से सतीश को अचानक बेचैनी महसूस होने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वह पसीने से लथपथ हो गए और वहीं गिर पड़े। इसी समय उन्हें दिल का दौरा भीड़ पड़ा और उनकी मौत हो गई।