रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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गैंगरेप की शिकार बालिका के माता-पिता भी डफरिन अस्पताल की महिला डॉक्टर की बेरहमी से बेहद व्यथित हैं। बेटी के साथ दरिंदगी से परिजनों को डॉक्टर की संवेदनहीनता ने स्तब्ध कर दिया। बालिका की मां ने बताया कि वह बाहर फेंकने की धमकी से इस कदर घबरा गई कि बेटी के इलाज के लिए डॉक्टर के सामने हाथ जोड़कर रोने लगी। पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो शायद डॉक्टर उनकी बेटी को बाहर ही कर देती। परिवार के लोग चाहते हैं कि महिला होने के बावजूद ऐसी बेरहमी करने वाली डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाए ताकि फिर कभी वह किसी मरीज के साथ ऐसा सुलूक नहीं कर सके।
बालिका की मां ने बताया कि अतरसुइया और महिला थाने की पुलिस के साथ वह मंगलवार शाम करीब चार बजे बेटी को लेकर डफरिन अस्पताल पहुंची। बेटी दर्द से कराह रही थी। उसके कपड़े खून से तर थे। पुलिसवाले भी उसकी दशा देख चिंतित थे। मगर डफरिन की महिला डॉक्टर ने ऐसा व्यवहार किया कि सभी सन्न रह गए। उसने पहले तो इलाज करने से ही मना कर दिया और कहा कि इसे यहां से ले जाओ, यह सीरियस केस है। बहुत मिन्नत करने पर डॉक्टर ने बेटी को टांका लगाया।
मगर उसने फिर सख्ती से कहा कि लड़की को फौरन एसआरएन अस्पताल ले जाओ वरना उसे बाहर फेंक दिया जाएगा। यह सुनकर बालिका की मां घबराकर रोने लगी तो महिला थाना प्रभारी कल्पना गौतम ने एसपी सिटी विपिन टाडा को फोन किया जिन्होंने सीएमओ से बात की तब बालिका को रात भर वही%E