विश्वविद्यालय के शोध छात्र उपेंद्र यादव हत्याकांड में पुलिस ने सुपारी देने वाले प्रतियोगी छात्र को भी एक अपराधी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। सुपारी लेकर कत्ल करने वाले बदमाश रामबाबू कुशवाहा को कैंट पुलिस और स्वाट टीम ने रविवार रात ही मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया था। उसके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी मिला था। पुलिस छानबीन में साफ हो गया कि आरोपी युवक ने प्रेमिका की बेवफाई की वजह से भारी बौखलाहट में शोध छात्र उपेंद्र का कत्ल कराया था। उसने करवाचौथ पर अपनी प्रेमिका को शोध छात्र के कमरे में जाते देखा तो उसी रोज सुपारी किलर से उसकी हत्या कराने की ठान ली।
विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के शोध छात्र उपेंद्र यादव को आठ अक्तूबर की देर रात म्योराबाद में लॉज के गेट पर गोली मारी गई थी जब वह बाहर खड़ी बाइक अंदर कर रहा था। कनपटी पर गोली धंसने से गंभीर घायल उपेंद्र को लखनऊ में केजीएमयू ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी सांस थम गई। जांच में पता चला कि बांदा जनपद में कोतवाली इलाके के जेल रोड पर रहने वाले आनंद मिश्रा ने उपेंद्र का कत्ल कराया है। उसने बांदा जिले के ही अपराधी रामबाबू कुशवाहा को एक लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। 50 हजार रुपये एडवांस दिए थे।
रविवार को कैंट पुलिस के साथ स्वाट टीम प्रभारी जीतेंद्र पाल सिंह ने नैनी में बाइक पर जा रहे आनंद को पकड़ा तो उसने गुनाह कुबूला और बताया कि शूटर रामबाबू बाकी 50 हजार रुपये लेने के लिए रात में नेहरू पार्क के पास आने वाला है। पुलिस ने वहां रात बाइक सवार दो बदमाशों को घेरा तो एक बदमाश गोलियां चलाते हुए भाग गया जबकि पुलिस की फायरिंग में दूसरा बदमाश रामबाबू घायल होकर गिर गया। उसे पुलिस ने दबोच लिया। उसके पास उपेंद्र के कत्ल में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा मिला। बिना नंबर की बाइक भी जब्त की गई। फिर स्वाट टीम और पुलिस ने आनंद को सुपारी किलर रामबाबू से मिलाने वाले अपराधी बांदा में जेल रोड केवटरा चौराहा निवासी कमल किशोर गुप्ता उर्फ बबलू को भी गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सुपारी देकर उपेंद्र का कत्ल कराने वाले आनंद मिश्रा के पिता सब इंस्पेक्टर एसपी मिश्रा दो महीने पहले ही नैनी थाने से रिटायर हुए हैं। आनंद की पूर्व प्रेमिका का पिता भी पुलिस विभाग में है। वह हमीरपुर जनपद की रहने वाली है। दोनों यहां एक ही कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते थे। एमबीए कर चुके आनंद ने बताया कि वह प्रेमिका से शादी करना चाहता था। मगर वह पढ़ाई के सिलसिले में कानपुर गया तो उससे संपर्क टूट गया क्योंकि उसके पास मोबाइल फोन नहीं था। सात महीने पहले वह कानपुर से लौटकर नैनी में किराए पर रहकर तैयारी करने आया तो प्रेमिका से संपर्क किया। मगर वह उससे मिलने से कतराने लगी। पता चला कि उसका ताल्लुक शोध छात्र उपेंद्र से हो गया है तो वह तनाव में डूब गया। उसने बांदा के रामबाबू को कत्ल की सुपारी दे दी। उसने बदमाश को उपेंद्र की पहचान कराई। कमरा भी दिखाया। यही नहीं, उसने करवाचौथ को प्रेमिका का पीछा किया तो उसे उपेंद्र के कमरे में जाते देखा। बस उसी शाम वह उपेंद्र की हत्या के लिए शूटर के साथ उसके लॉज के पास टहलने लगा। रात में मौका मिला तो रामबाबू ने उपेंद्र की कनपटी में गोली मार दी।