फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विरोध के बीच पूरा पंत हॉस्टल खाली

Fri, 07 Apr 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
ऑल इंडिया सर्विसेज प्री एग्जामिनेशन ट्रेनिंग सेंटर का पंत हॉस्टल बृहस्पतिवार को विरोध के बीच खाली करा लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स के साथ हॉस्टल के सभी 80 कमरे खाली करा लिए। हॉस्टल में सभी अंत:वासी अवैध रूप से रह रहे थे। हॉस्टल खाली कराए जाने के बाद छात्रों को मौके पर ही कब्जा दिला गया और जो छात्र वहां मौजूद नहीं थे, उनके नाम से आवंटित कमरों पर हॉस्टल प्रशासन का ताला लग गया। हॉस्टल के सभी कमरों पर तीन साल से अवैध कब्जा था।
विज्ञापन


पंत हॉस्टल चैथम लाइन में है। ऑल इंडिया सर्विसेज प्री एग्जामिनेशन ट्रेनिंग सेंटर के लिए चयनित एससी एवं ओबीसी वर्ग के छात्रों को पंत हॉस्टल में कमरे आवंटित किए जाते हैं। कमरे छह-छह माह के लिए आवंटित होते हैं। हॉस्टल के सभी 80 कमरों पर तीन साल से कब्जा था। इस बार भी नए छात्रों को कमरे आवंटित किए गए और उनसे फीस जमा करा ली गई लेकिन कमरों पर उन्हें कब्जा नहीं मिला। इससे नाराज छात्रों ने दो दिन पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ऑफिस पर प्रदर्शन किया। छात्रों को आश्वस्त किया गया था कि पुलिस फोर्स उपलब्ध होते ही कमरे खाली करा लिए जाएंगे।

बृहस्पतिवार को पुलिस फोर्स और इविवि के प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे, हॉस्टल के प्राचार्य प्रो. राजाराम यादव और अधीक्षक प्रो. सत्यनारायण की मौजूदगी में हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई शुरू की गई। हॉस्टल में पिछले तीन साल से कब्जा खाली कराने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन हर बार कार्रवाई के दौरान किसी न किसी नेता का फोन आ जाता था और पुलिस को कार्रवाई से हाथ खींचने पड़ जाते थे। हालांकि बृहस्पतिवार को भी ऐसी स्थिति आई, जब इलाहाबाद के एक पड़ोसी जिले के सांसद ने फोन के जरिये कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया लेकिन शासन स्तर से स्पष्ट कर दिया गया कि किसी का भी फोन आए, कार्रवाई हर हाल में पूरी होनी चाहिए।
विज्ञापन


शासन से हरी झंडी मिलने के बाद कार्रवाई अचानक तेज कर दी गई लेकिन इस बीच छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस की सख्ती के आगे उनकी नहीं चली। आखिर तीन साल बाद हॉस्टल के सभी 80 कमरों से अवैध कब्जा हटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान यह भी देखा गया कि हर कमरे में एक छात्र के रहने की व्यवस्था है लेकिन वहां दो से तीन छात्र रह रहे थे और हर कमरे में दो-तीन बेड रखे हुए थे। सभी कमरे खाली कराए जाने के बाद 60 कमरों पर छात्रों को मौके पर ही कब्जा दिला गया और बाकी 20 कमरों पर हॉस्टल प्रशासन का ताला लगा दिया गया। कार्रवाई के बाद हॉस्टल प्रशासन से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली। हॉस्टल पर अवैध कब्जे के कारण ही वहां विकास कार्यों के लिए यूजीसी से मिलने वाले अनुदान का उपयोग नहीं हो पा रहा था। अब इसके उपयोग का रास्ता भी साफ हो गया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें