शराब के खिलाफ महिलाओं के हल्ला बोल के बाद वैध शराब कारोबारियों के मानक जांचने के लिए एंटी शराब स्क्वाड का गठन किया है। जनपद में विवाद की स्थिति बनने के बाद यह स्क्वाड घटनास्थल पर पहुंचकर जांचेगा कि महिलाओं का विरोध मानक के अनुरूप है या नहीं। अगर खामियां पाई जाती हैं तो शराब की दुकान को हटवाया जाएगा।
एंटी शराब स्क्वाड में डीआईजी, आबकारी और प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। डीआईजी आशुतोष कुमार ने बताया कि लगातार शराब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। महिलायें उग्र प्रदर्शन करके दुकानों में तोड़फोड़ और मारपीट भी कर रही है। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। इस लिहाज से थानों में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विरोध के बाद यह स्क्वाड जांचेगा कि मानकों के अनुसार यह दुकान सही है या नहीं। अगर दुकान मानकों का उल्लघंन करती हुई पाई जाती है तो उसको हटवा दिया जाएगा।
इन नियमों के तहत होगी जांच
धर्मस्थल, अस्पताल, शैक्षिक संस्था के करीब शराब की दुकान नहीं होनी चाहिए। गांव में 50 मीटर, ग्राम पंचायत में 75 मीटर और शहर में 100 मीटर के दायरे में दुकानों को लाइसेंस नहीं दिया जाता है। आवासीय कॉलोनियों में भी शराब की दुकान नहीं हो सकती है। अगर कॉलोनी बनने से पहले शराब की दुकान चलती मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है।