कर्नलगंज पुलिस ने इनामी बदमाश अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला गैंग के चार शातिर बदमाशों को पकड़ा है। जिनके पास तीन तमंचा, कारतूस, दस मोबाइल और स्कार्पियो बरामद हुई है। पकड़े गए बदमाश कोचिंग संस्थानों से रंगदारी वसूलते थे। साथ गवाहों को डराते, धमकाते हैं। पकड़े गए एक आरोपी के खिलाफ कुछ दिन पहले ही विवि के छात्र फायरिंग के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
एसपी राजेश कुमार और सीओ डीपी तिवारी ने बताया कि मुखबिर के जरिए मिली सूचना पर इंस्पेक्टर कर्नलगंज समीर सिंह, एसआई शरद गुप्ता, एसआई आजाद सिंह सिपाही ने गल्ला बाजार इलाके में शुक्रवार रात घेरेबंदी कर शिवम पांडेय निवासी ओमनगर सुल्तानपुर, अखंड प्रताप सिंह निवासी जमुनीपुर कोटवा सरायइनायत, आकाश सिंह निवासी बाघराय सुल्तानपुर और मनोज यादव निवासी ताजपुर गाजीपुर को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुआ। पकड़े गए शिवम के खिलाफ कर्नलगंज थाने में जानलेवा हमला, धमकी, बंधक बनाकर मारपीट समेत अन्य धाराओं में तीन मुकदमे हैं।
हाल ही में उसने यूनियन हाल के पास एक छात्र पर फायरिंग की थी, जबकि पकड़े गए अखंड प्रताप के पिता भी सरायइनायत थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए आरोपी शहर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के नाम पर किराए पर कमरा लेकर रहते हैं। हॉस्टलों में भी उनका आना-जाना रहता है। वे सुमित शुक्ला गैंग के सदस्य हैं। सुमित के फरार होने के बाद से शिवम ही गैंग का संचालन कर रहा था।
वे कोचिंग संचालकों से अवैध वसूली, गुंडा टैक्स और रंगदारी वसूलने में शामिल रहते हैं। गवाही देने और रंगदारी न देने पर फायरिंग और जान से मारने की धमकी देते हैं। पूछताछ में अनूप राय निवासी मऊ और सत्यप्रकाश का नाम सामने आया है। जिनकी तलाश की जा रही है। सीओ डीपी तिवारी ने बताया कि बदमाशों की गाड़ी में पीछे एक बोरी बालू भरकर रखा हुआ था। जिसमें वे बम छुपा कर रखते हैं। ताकि झटका लगने पर बम फटे नहीं।
इंस्पेक्टर समीर सिंह ने बताया कि पिछले महीने पीसीबी हॉस्टल में गोली चलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी, लेकिन कोई मिला नहीं था। उस दिन आपसी विवाद में शिवम पांडेय के हाथ में गोली लगी थी। लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी। चुुपके से इलाज कराया था।