रेलवे अस्पताल में युवती से हुए गैंगरेप मामले में एनसीआर प्रशासन ने चारों आरोपी रेलकर्मी बर्खास्त कर दिए हैं। इन चारों रेलकर्मियों को 12 अगस्त को ही निलंबित किया गया था। रेलवे प्रशासन का कहना है कि आरोपियों ने लिखित बयान देकर अपना जुर्म कबूला है। इसी वजह से उनकी सेवा समाप्त की गई है। वहीं दूसरी ओर पुलिस अब रेप पीड़िता को अब तक नहीं ढूंढ सकी है।
दरअसल रविवार 12 अगस्त को रेलवे अस्पताल के डॉ. संजीव कुमार हांडू ने एसएसपी से मिलकर शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनके संज्ञान में आया है कि अस्पताल परिसर में आठ अगस्त को एक युवती के साथ गैंगरेप किया गया। डॉक्टर ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की थी। उनकी तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया। नामजद आरोपियों में अस्पताल के चार कर्मचारी और एक होमगार्ड शामिल रहे। इसमें अटेंडेंट रविशंकर बिंद, एच ए श्यामबाबू, सफाईवाला सुरेश, ओटी असिस्टेंट मनमोहन लाल और होमगार्ड हंसराज के नाम शामिल रहे। इस बीच रेलवे ने भी तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। उधर जमानत मिलने के बाद आरोपी छुट भी गए। हालांकि रेलवे की अपनी आंतरिक जांच जारी ही रही। सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल ने बताया कि इन आरोपी रेलकर्मियों ने अपना लिखित बयान देकर जुर्म कबूला था। इसी के तहत विशेष क्लाज 14(2) के तहत उनकी रेल सेवा समाप्त की गई है। उन्होंने बताया कि अभी तीन सदस्यीय जांच दल की विस्तृत रिपोर्ट आनी रह गई है।
रेलवे अस्पताल की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए जाएंगे। एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल का कहना है कि यहां दस सीसीटीवी कैमरे और बढ़ाने की तैयारी है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में सुरक्षा गार्ड भी बढ़ाए जाएंगे। अस्पताल के पीछे टूटी बाउंड्रीवाल की मरम्मत का काम भी शीघ्र ही शुरू होगा।