सोरांव इलाके में शनिवार को महरूडीह गांव में अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया। दरोगा और सिपाहियों पर असलहे तानकर उनके साथ हाथापाई की। पुलिस पर हमले से गांव में खलबली मच गई। दरोगा से सूचना पाकर सोरांव थानाध्यक्ष भी पुलिस बल के साथ पहुंचे तो असलहाधारी भाग गए। इस मामले में दरोगा और जमीन मालिक की तरफ से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। आरोपियों में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत नौ नामजद और 75 अज्ञात हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
महरूडीह गांव के उमानंद द्विवेदी ने शनिवार को करीब बारह बजे 100 नंबर पर सूचना दी कि उसकी जमीन पर कुछ लोग जबरन कब्जा करने आए हैं। खबर मिलते ही उपनिरीक्षक अवधेश मिश्रा सिपाहियों के साथ वहां पहुंचे तो देखा कि वहां करीब 80 लोग अवैध कब्जा कराने का प्रयास कर रहे थे, जिसमें कई लोगों के हाथों में हथियार भी थे। पुलिस टीम ने उन्हें टोका तो वे हटने की बजाय पुलिस पर ही हमलावर हो गए।
आरोप है कि उन लोगों ने दरोगा और सिपाहियों से उलझ गए और धमकाने लगे। असलहे भी लहराते हुए पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर ली। पुलिस टीम ने जमीन के कागजात दिखाने को कहा लेकिन असलहाधारियों ने एक नहीं सुनी। पुलिस को घिरा देख गांव वाले भी घबरा गए। दरोगा अवधेश ने किसी तरह फोन से थानाध्यक्ष सोरांव विजय कुमार सिंह को सूचना दी तो वे पुलिस बल के साथ पहुंच गए। मगर उन्हें आते देख असलहों से लैस भी फरार हो गए।
दरोगा की तहरीर पर सोरांव थाने में हथिगहां गांव नवाबगंज निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज पांडेय, सुभाष उपाध्याय, करीमुद्दीपुर गांव नवाबगंज के सागर उपाध्याय, उसके भाई सत्यम उपाध्याय, धमेंद्र कुमार पांडेय उर्फ दीवान, अनुज, फरीदपुर गांव निवासी फूल तिवारी, अमरनाथ, शिवपुर गांव सोरांव निवासी गिरजाशंकर तिवारी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, सरकारी कर्मचारी पर हमले की धारा में केस दर्ज किया गया। इसके अलावा जमीन मालिक उमानंद ने भी तहरीर दी तो उस पर भी इन्हीं आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर लिखी गई है।