सुलेमसराय के लोग सोमवार सुबह रोजमर्रा के कामकाज में जुटे थे तभी लगभग आठ बजे अचानक चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते उमेश वस्त्रालय से धुएं का गुबार उठा तो इलाके में खलबली मच गई। आसपास के लोग उमेश केसरवानी के घर की तरफ निकल पड़े। आग बुझाने की कोशिशों के बीच दमकल की गाड़ियां आने से रास्ता बाधित हुआ तो दूर तक जाम लग गया। पूरा इलाका दोपहर तक दमकल, पुलिस और एंबुलेंस के सायरन से गूंजता रहा।
सुबह लगभग साढ़े सात बजे तक सुलेमसराय में सामान्य माहौल था। करीब साढ़े सात बजे उमेश केसरवानी के पिता रामचंद्र मंदिर में पूजा कर लौटे तो दुकान के पीछे गोदाम में आग का पता चला। इसके बाद ही खलबली मची और अगले आधे घंटे में पूरे इलाके में खबर फैल गई। धूमनगंज थानाध्यक्ष नागेश सिंह वहां पहुंचे और आग की विकरालता को देख अफसरों को जानकारी दी। घर से निकल रहा घना धुआं देख दूर-दूर से लोग उधर आ गए। फोन से भी खबर पाकर कपड़ा कारोबारी के दर्जनों रिश्तेदार और परिचित पहुंच गए। 10 बजने तक में तमाम दलों के नेता, पार्षद और मेयर प्रत्याशी भी जुट गए।
चायल के भाजपा विधायक संजय गुप्ता, सपा के मेयर प्रत्याशी विनोद चंद्र दुबे, सपा नेता धर्मराज पटेल, व्यापारी नेता तारिक सईद अज्जू, सुभाष केसरवानी समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि आ गए। नेताओं ने आग बुझाने में लापरवाही देख फोन किए तो एसपी सिटी, एडीएम सिटी, एसपी ट्रैफिक भी सीओ और आठ थानों की पुलिस के साथ पहुंचकर भीड़ नियंत्रण में जुट गए। सिविल लाइंस फायरब्रिगेड से पांच दमकल गाड़ियों के साथ ही एयरफोर्स फोर्स बमरौली से भी दमकल गाड़ियां मौके को रवाना हुईं। हालांकि एयरफोर्स की एक गाड़ी ही मौके पर पहुंच सकी। दूसरी गाड़ी मुंडेरा में ही जाम में फंसी रही। आखिरकार उसे आग बुझने के बाद मुंडेरा से ही वापस कर दिया गया। आठ बजे आग की जानकारी मिलने और करीब 12 बजे स्थिति काबू में आने तक सुलेमसराय से लेकर चौफटका और मुंडेरा तक जाम के बीच अफरातफरी का माहौल रहा।
सुलेमसराय के अग्निकांड में फायर ब्रिगेड की लापरवाही और देरी ने लोगों का गुस्सा भड़का दिया। कारोबारी के घर लगी आग में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत के लिए लोग दमकल अफसरों को भी दोषी ठहरा रहे हैं। नाराज लोगों और व्यापारियों ने दमकल अफसरों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मौके पर पहुंचे चायल के भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने भी सीएफओ रवींद्र शंकर मिश्रा को खरी-खोटी सुनाई और शासन में शिकायत की चेतावनी भी दी।
कपड़ा कारोबारी उमेश केसरवानी के घर लगी आग में घने धुएं के बीच अंदर घुसना मुश्किल हो रहा था। आरोप है कि बार-बार फोन लगाया जाता रहा लेकिन फायर ब्रिगेड में कॉल नहीं रिसीव की जा रही थी। आखिर में सूचना दी गई तो भी गाड़ी घंटे भर देरी से पहुंची। इतना ही नहीं, दमकल की गाड़ियों में अग्निशमन कर्मचारी पहुंचे तो घर में लगी आग और घने धुएं में घुसने के लिए उनके पास जरूरी आक्सीजन मास्क, फायर सूट, दस्ताने नहीं थे। यहां तक कि वे टार्च तक नहीं लेकर आए थे। घने धुएं की वजह से घर में घुसने की बजाय अग्निशमन कर्मी देर तक बाहर से ही पानी की बौछार डालते रहे।
नतीजा यह रहा कि घर के भीतर फंसी कारोबारी की पत्नी, बेटी और मां की जहरीले धुएं में दम घुटने से मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने दमकल और प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसी बीच भाजपा विधायक संजय गुप्ता पहुंचे तो उन्होंने भी लोगों में गुस्से को देखते हुए चीफ फायर अफसर (सीएफओ) को आड़े हाथ लिया। लापरवाही पर बिफरे विधायक ने सीएफओ से कहा कि शासन को लगातार पत्र लिखकर जरूरी साजोसामान की मांग की जा रही है लेकिन उस पर कार्यवाही नहीं हो रही है। देरी पर सीएफओ ने कहा कि सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंच गई थीं। विधायक ने सीएफओ को इतने भीषण अग्निकांड में लापरवाही बरतने के लिए शासन में शिकायत की चेतावनी दी। एडीएम सिटी अतुल सिंह का कहना है कि लोगों ने देरी और लापरवाही की बात कही है। इस बारे में सीएफओ से जवाब-तलब किया जा रहा है।
‘फायर ब्रिगेड को सुबह 8.32 पर सुलेमसराय में आग लगने की सूचना मिली। उस वक्त एक गाड़ी प्रीतम नगर में थी जहां एक घर में आग लगी थी। वहां आग बुझ चुकी थी इसलिए उस गाड़ी को फौरन सुलेमसराय में मौके पर भेजा गया। साथ ही सूचना मिलने के एक मिनट बाद सिविल लाइंस फायर ब्रिगेड से भी एक फायर टेंडर सुलेमसराय रवाना किया गया। करीब आधे घंटे में यह गाड़ी भी पहुंच गई थी। हां, यह जरूर है कि तब तक उमेश वस्त्रालय में आग लगने को करीब डेढ़ घंटे हो गया था। मास्क और दूसरे उपकरण के लिए लगातार शासन को पत्र लिखा जा रहा है लेकिन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। आग की वजह शार्ट-सर्किट मानी गई है।’
-रवींद्र शंकर मिश्रा, सीएफओ