झूंसी में शेरडीह गांव की प्रधान सरस्वती देवी पर रविवार सुबह थरवई इलाके में कथित तौर पर उस वक्त फायरिंग की गई जब वह अपने भांजे के साथ बाइक पर सिकंदरा में रौजा की तरफ जा रही थीं। गोली चलने पर वह बाइक समेत सड़क पर गिर गईं, जिससे उन्हें चोट पहुंची। इसके बाद हमलावर भाग निकले। दो सगे भाइयों को नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस लिखकर पुलिस घटना की सच्चाई की जांच में जुटी है।
रविवार सुबह करीब सात बजे शेरडीह गांव की प्रधान सरस्वती देवी सरायइनायत में बीकापुर गांव निवासी अपने भांजे फूलचंद्र के साथ बाइक पर सिकंदरा स्थित गाजी मियां के रौजा के लिए रवाना हुई थीं। वे दोनों थरवई में सिंगरामऊ गांव के सामने से गुजर रहे थे। आरोप है कि तभी दो बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल ओवरटेक करने के बाद फायरिंग कर दी। गोली तो नहीं लगी लेकिन फूलचंद्र बाइक पर संतुलन खो बैठा। वे दोनों सड़क पर गिर गए। आसपास के लोग उधर दौड़े तो बाइक सवार तीन अपराधी भाग गए। सरस्वती देवी और फूलचंद्र को बाइक से गिरने पर चोट पहुंची थी।
खबर पकार परिवार के लोग आ गए। पुलिस को सूचना देकर उन्हें इलाज की खातिर ले जाया गया। सरस्वती का कहना है कि उनके कत्ल के इरादे से गोली मारी गई थी लेकिन वह बच गईं। उनकी तहरीर पर शेरडीह गांव के ही शैलेंद्र यादव उर्फ नाटे और उसके भाई छंगू के खिलाफ केस लिखा गया है। पुलिस का कहना है कि अभी घटना की जांच की जा रही है कि वास्तव में ऐसा कुछ हुआ है या पेशबंदी में केस लिखाया गया। हमले में नामजद शैलेंद्र के दो भाइयों का कत्ल हो चुका है जिसमें सरस्वती के बेटे समेत परिवार के लोगों को ही आरोपी बनाया गया था।