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आवेदन के समय ही हैकरों ने बिछा दिया था जाल

Mon, 25 Apr 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यह पाठ्यक्रम जनवरी 2017 के दौरान आयोजित होने वाली एचएएस परीक्षा से कार्यान्वित होगा।
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रेल भर्ती बोर्ड (आरआरबी) इलाहाबाद की विभिन्न पदों के लिए आयोजित ऑनलाइन परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण के बाद अब एक और नई बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक कराने वाले लोगों ने ऑनलाइन परीक्षा के आवेदन भरे जाने के दौरान ही अपना जाल बिछा दिया था। चर्चा इस बात की है कि इन लोगों ने आवेदन की अंतिम तिथि के बाद भी कई अभ्यर्थियों से आवेदन करवा दिए। दरअसल आरआरबी ने अंतिम तिथि बीत जाने के बाद उन अभ्यर्थियों को मौका दिया था, जिन्होंने आवेदन करने में गलती कर दी थी। ऐसे अभ्यर्थियों के स्थान पर पेपर लीक कराने वाले गिरोह ने उन लोगों केआवेदन फार्म भरवा दिए, जिनसे उन्होंने परीक्षा पास कराने की एवज में मोटी रकम ले रखी थी।
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रेलवे के गैर तकनीकी पद सहायक स्टेशन मास्टर (एएसएम), गुड्स गार्ड, वाणिज्यिक प्रशिक्षु, पूछताछ सह आरक्षण लिपिक, यातायात प्रशिक्षु, यातायात सहायक, वरिष्ठ लिपिक सह टंकण, कनिष्ठ लिपिक सहायक सह टंकण आदि के 18252 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों से पिछले साल 26 दिसंबर से  25 जनवरी 2016 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। ऑनलाइन आवेदन के दौरान बहुत से अभ्यर्थियों ने अपने फार्म गलत भर दिए। ऐसे अभ्यर्थियों को देश की सभी आरआरबी ने एक और मौका दिया ताकि वे फार्म भरे जाने के दौरान जो गलती हुई है, उसे सुधारा जा सके। इसी का फायदा पेपर लीक प्रकरण से जुड़े लोगों ने उठाया। पेपर लीक प्रकरण के बाद हो रही जांच के बाद इस बात के संकेत मिले हैं कि इन लोगों ने काफी संख्या में फर्जी नाम से आवेदन करवा दिए।

इसके बाद रेलवे परीक्षा पास कराने के नाम से जिन लोगों से रकम वसूली गई थी, उनके आवेदन फर्जी नाम वाले आवेदनों की जगह करवा दिए गए। इस दौरान अभ्यर्थियों की फोटो तक भी बदले जाने की बात कही जा रही है। आठ से दस लाख रुपये तक के इस सौदे में एडवांस में ही कई अभ्यर्थियों से दो-दो लाख रुपये वसूल लिए गए थे। बाकी की रकम परीक्षा पास कराने के बाद लिए जाने की बात कही गई। हालांकि इस मामले की अभी जांच चल रही है। इस बारे में आरआरबी इलाहाबाद के चेयरमैन एनपी सिन्हा का कहना है कि आवेदन के दौरान गड़बड़ी हुई है या नहीं इसकी जांच तकनीकी टीम अभी कर रही है। 
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आरआरबी इलाहाबाद की ओर से आयोजित ऑन लाइन परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण के बाद अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि संबंधित तिथि की परीक्षा निरस्त होगी या नहीं। परीक्षा देने वाले अधिकांश अभ्यर्थी इसे लेकर खासे  परेशान हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पर्चा लीक हुआ है तो परीक्षा निरस्त होनी चाहिए। इस बारे में आरआरबी चेयरमैन एनपी सिन्हा का कहना है कि परीक्षा निरस्तीकरण का निर्णय रेलवे बोर्ड करेगा। वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि पेपर लीक प्रकरण के बाद एसटीएफ द्वारा चार परीक्षा केंद्रों का नाम उजागर करने के बाद अब संबंधित केंद्रों के व्यवस्थापक की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। 
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