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आशनाई, दुश्मनी या घूमंतू गिरोह का कारनामा

Tue, 25 Apr 2017 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नवाबगंज में दंपति और दो बेटियों की नृशंस हत्याकांड में विरोधी यादव गुट के पांच लोगों को नामजद किया गया है जिन्हें पुलिस ने पकड़ भी लिया गया है लेकिन तब भी गुत्थी सुलझी नहीं। वे खुद को बेकसूर बताते रहे। ऐसे में पुलिस कई और एंगल पर जांच कर रही है। इनमें सबसे प्रमुख पहलू है आशनाई। पुलिस ऐसे युवकों का पता लगा रही है जिनका किसी भी तरह से इस परिवार से जुड़ाव रहा है। जांच यह भी हो रही है कि कहीं छेड़खानी की शिकायत करने पर ही नामजद आरोपियों ने बदले की भावना से खुद या किसी गिरोह से यह वारदात न करा दी हो। पुलिस ने सात अन्य संदिग्ध को हिरासत में लिया है।
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हत्याकांड में मृत दंपति के पुत्र रंजीत गुप्ता ने कुछ ही दूर पर रहने वाले जवाहरलाल यादव के बेटों शिवबाबू यादव, राजबहादुर उर्फ भल्लू, नवीन, नरेंद्र, अजय पुत्र बांके के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया है। नवीन के बारे में पता चला कि वह सोमवार भोर में खेत की सिंचाई करने गया था। हत्या की खबर फैली तो वह खेत से ही ननिहाल भाग गया था। उसे पुलिस ने वहीं से दबोच लिया। सीओ सोरांव आलोक मिश्र के मुताबिक, यादव परिवार से मक्खनलाल का कई बार झगड़ा हो चुका था। होली पर 10 मार्च को यादव परिवार के लोग नीम का पेड़ काटकर ले जा रहे थे तो रंजीत ने विरोध किया। आरोप है कि विरोधियों ने उसे धमकाया और उसकी बहन के साथ बदसलूकी भी की।

रंजीत ने 100 नंबर पर सूचना दी थी तो पुलिस ने आकर कार्रवाई शुरू की। नवीन और अजय को पकड़ा भी था मगर तब आरोप है कि पुलिस ने पांच हजार रुपये में समझौता करा दिया। मगर उसके बाद भी झड़प होती रही। रंजीत का आरोप है कि उन लोगों ने परिवार समेत खत्म करने की धमकी दी थी। उसने तहरीर में कत्ल के पीछे इन पांच लोगों का नाम दिया है लेकिन कारण नहीं लिखा है। इसी तरह घर में लूटपाट का नजारा दिखा है लेकिन तहरीर में इसका भी जिक्र नहीं है। रंजीत ने मौखिक तौर पर कहा कि दुश्मनों ने ही हत्या के बाद घर में लूटपाट भी की है। पुलिस तहकीकात कर रही है कि 10 मार्च के झगड़े और पुलिस से शिकायत की वजह से तो कहीं विरोधी गुट ने यही हैवानियत भरी वारदात नहीं कर डाली। वैसे यह भी जानकारी मिली है कि जवाहरलाल यादव ने मक्खनलाल के घर के पीछे दो महीने पहले जमीन खरीदी है। मक्खनलाल का पिछला दरवाजा उसी जमीन की तरफ खुलता है। गांव वालों से बातचीत में यह विवाद उभरकर सामने आया है। सीओ आलोक मिश्र का कहना है कि विरोधी पक्ष के हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
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-झकझोर देने वाली इस वारदात की जांच कर रही पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं घटना में नशे में धुत बारातियों का तो हाथ नहीं है? रविवार रात सहावपुर में तीन बारात आई थी। एक दलित परिवार की शादी में आए बारातियों के बारे में पता चला कि वे नशे में धुत थे। बारात के साथ डीजे मक्खनलाल के घर के सामने से गुजरा था। मक्खनलाल की बेटियां भी बारात देखने निकली थीं। कहीं बारात में शामिल नशेड़ी बारातियों ने ही लड़कियों को देख यह वारदात न की हो। यह जांच का विषय है। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ के लोगों ने गाव में दिन भर तमाम लोगों से इस बारे में पूछताछ की। उन बारातियों का भी पता लगाया जा रहा है।  

वारदात का तरीका बेहद वीभत्स है। ऐसी घटनाएं आमतौर पर बावरिया, कंजड़, पंखी जैसे घूमंतू आपराधिक जनजातियों के गिरोह अंजाम देते रहे हैं। इलाहाबाद शहर और देहात में पिछले बरसों में कत्ल, रेप और लूटपाट की कई घटनाएं बावरियां और कंजड़ गिरोह ने की है। पुलिस ने गंगापार में सोमवार को दिन भर घुमंतू् अपराधियों के बारे में पता लगाया। बाग-बगीचों में टिकने वाले कई गिरोहों के बारे में जानकारी जुटाई। अचानक भागे घूमंतू डेरों का पता लगाया जा रहा है।
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