झूंसी में शुक्रवार की रात त्रिवेणीपुरम कालोनी के गंगा सेक्टर पार्क में लगी डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा कुछ अराजकतत्वों ने तोड़ दी। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह समेत कई नेता लोग धरने पर बैठ गए। विरोध में सुभाष चौराहे पर भी सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़े जाने की जानकारी होने पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। आननफानन में कुछ घंटे बाद बाबा साहेब की दूसरी प्रतिमा की व्यवस्था की गई, लेकिन नाराज सांसद व अन्य लोगों ने उसे लगाने से मना कर दिया। बाद में वाराणसी से भव्य प्रतिमा मंगाई गई, जिसे वहां लगाया गया। इसके बाद धरना समाप्त किया। अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। पार्क में पहले भी कई बार अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी गई है, जिस पर विवाद भी हो चुका है।
गंगा सेक्टर के पार्क में एक दशक पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी। वहां समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता रहा है। बाबा साहेब के परिनिर्वाण एवं अन्य मौकों पर भी भव्य आयोजन भी होते रहते हैं। इसी बीच शुक्रवार रात में अराजकतत्वों ने बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़ दी। शनिवार को मार्निंग वॉक पर निकले लोगों की नजर क्षतिग्रस्त प्रतिमा पर पड़ी तो वे सन्न रह गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसी बीच फूलपुर सांसद नागेंद्र सिंह पटेल अपने सैकड़ों समर्थकों व सपा कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कुछ देर में पहुंचे सपा के एमएलसी रामवृक्ष यादव, बसपा नेता आरके गौतम समेत भारी संख्या में बसपा-सपा कार्यकर्ता व अन्य पदाधिकारी भी जुट गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार, पीएम और सीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने की सूचना पर एडीएम प्रशासन महेंद्र राय, एसडीएम सत्येंद्र शुक्ला, एसपी गंगापार सुनील कुमार के साथ कई थानों की फोर्स और पीएसी मौके पर पहुंची। दोपहर में एसएसपी आकाश कुलहिर भी पहुंचे। सांसद व अन्य लोगों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। वे दूसरी प्रतिमा लगाने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। आननफानन में दूसरी प्रतिमा लाई गई, लेकिन लोगों ने उसे लगाने से इंकार कर दिया। बसपा कार्यकर्ताओं की सलाह और दबाव पर वाराणसी से भव्य प्रतिमा मंगाई गई। प्रतिमा तकरीबन शाम साढ़े छह बजे पहुंची। तब जाकर धरना समाप्त किया गया। प्रतिमा लगाने का काम देर रात तक हुआ। इसके बाद लोग शांत तो हो गए लेकिन तनाव बना रहा। एडीएम प्रशासन महेंद्र राय का कहना था कि वाराणसी से मूर्ति मंगाकर लगा दी गई। मूर्ति तोड़ने वालों की खोज की जा रही है।