कर्नलगंज इलाके में आईईआरटी के पास सोमवार दोपहर साइकिल सवार पान विक्रेता राजेंद्र पाल पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया। पेट और गर्दन पर चाकू के गहरे घाव के कारण वह खून से लथपथ होकर गिरा तो राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। हमला किसने और क्यों किया? इस बारे में अभी कुछ भी पता नहीं चल सका है। पुलिस जांच कर रही है कि किन लोगों से उसकी रंजिश है। हालांकि इलाके के लोगों ने यह भी शक जताया है कि वह बघाड़ा में जुए के अड्डे की तरफ गया था। किसी जुआरी ने ही हमला कर दिया।
जार्जटाउन में फतेहपुर बिछुआ मुहल्ले का राजेंद्र पाल (48) कर्नलगंज इंटर कॉलेज के पास पान की दुकान लगाता है। परिवार में पत्नी संगीता, दो बेटे और दो बेटियां हैं। सोमवार दोपहर राजेंद्र साइकिल से कर्नलगंज में आईईआरटी की तरफ गया था। लेकिन क्यों? यह परिवार वाले भी नहीं बता पा रहे। दोपहर बाद किसी ने झाड़ी में उसे खून से लथपथ पड़ा देखा तो शोर मचाया। वहां भीड़ लग गई। पेट और गर्दन पर गहरे जख्म और खून देख लोगों ने समझा कि उसकी मौत हो चुकी है। कुछ देर में खबर पाकर कर्नलगंज थाने की पुलिस पहुंची। उसे उठाकर पहले पहले बेली फिर एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। पुलिस से सूचना पाकर परिवार के लोग भी रोते-कलपते पहुंच गए। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। दर शाम उसे बाई का बाग स्थित निजी चिकित्सालय ले जाया गया।
राजेंद्र पर जानलेवा हमले के पीछे किसका हाथ है? यह रहस्य बना है। परिवार के लोग भी कुछ नहीं बता सके हैँ। चर्चा थी कि राजेंद्र जुए के अड्डे पर गया था। बघाड़ा में जुए का एक बड़ा अड्डा लंबे समय से चल रहा है लेकिन पुलिस जानबूझकर अनदेखी कर रही है। संभव है कि जुए के विवाद में ही किसी जुआरी ने हमला किया। उसे मरा समझकर झाड़ी में फेंक दिया गया होगा।