नैनी इलाके में अरैल घाट रोड के निकट मंदिर परिसर में शनिवार दोपहर महिला संत सदगुरू त्रिकाल भवंता पर चाकू से हमला किया गया। बाइक से आए तीन लोगों ने पहले तो संत को मंदिर छोड़कर जाने के लिए कहा फिर चाकू से वार कर दिए। वह हमले में मामूली चख्मी हो गईं। फिर तीनों लोग बाइक पर भाग गए। संत ने थाने जाकर शिकायत की तो पुलिस ने उनसे तहरीर लेकर मुकदमा लिखा। सभी आरोपी फरार हैं।
परी अखाड़ा की प्रमुख महंत त्रिकाल भवंता दोपहर करीब दो बजे जख्मी हालत में नैनी थाने जाकर हमले की शिकायत की। उस वक्त थाने में सीओ समरबहादुर और एसडीएम करछना राजकुमार द्विवेदी मौजूद थे। कुछ देर पहले ही एसएसपी और डीएम थाना समाधान दिवस में शामिल होकर निकले थे। त्रिकाल भवंता ने पुलिस को बताया कि वह अरैल घाट नए पुल के पास स्थित सरवेश्वर महादेव मंदिर की महंत है। दोपहर करीब बारह बजे वह मंदिर परिसर में मौजूद थी तभी बाइक पर तीन लोग आए। उन्होंने कहा कि मंदिर की जमीन अशोक पांडेय, राम शरण दास, बजरंग दास ने रजिस्ट्री करा ली है। इतना कहने के बाद महंत पर चाकू से हमलाकर तीनों लोग भाग गए। महंत के हाथों की उंगलियों पर चोट पहुंची और खून बहने लगा। पुलिस ने थाने में ही महंत का प्राथमिक उपचार किया। पुलिस का कहना है कि मंदिर की जमीन के विवाद में यह घटना हुई। हमलावरों की तलाश हो रही है।