फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चर्च की चाहरदीवारी को लेकर होते बचा टकराव, तनाव

Tue, 10 Jul 2018 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
म्योराबाद में सेंट पीटर्स चर्च के पास की जमीन की चाहरदीवारी निर्माण को लेकर विवाद और गहरा गया है। एक बार तो मसीही समाज तथा आसपास के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। इससे तनाव काफी बढ़ गया था। विधायक और एसडीएम की मौजूदगी में घंटों पंचायत चली, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया गया। म्योराबाद ट्रस्ट प्रशासन की ओर से चर्च के सामने के मैदान की बाउंड्री वाल निर्माण का स्थानीय लोगों ने रविवार को तीव्र विरोध किया था। इससे तनाव व्याप्त हो गया था। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बवाल टला, लेकिन सोमवार को करीब डेढ़ बजे दोनों वर्ग के लोगों का एसडीएम सदर के कक्ष में फिर जमावड़ा हुआ। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े थे। बात नहीं बनी तो एसडीएम ने मौके पर वार्ता की बात कही। इसके बाद चर्च के सामने स्थित मैदान के दोनों तरफ सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए। एक तरफ स्थानीय लोग थे तो दूसरी ओर मसीही। इससे वहां टकराव की आशंका बन गई थी। हालांकि, वरिष्ठों की सूझबूझ से बवाल नहीं हो पाया। तनाव के बीच करीब साढ़े चार बजे विधायक हर्षवर्धन बाजपेई और फिर एसडीएम आयुष चौधरी भी पहुंच गए। इन लोगों की मौजूदगी में करीब दो घंटे पंचायत चली लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। ऐसे में यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन


‘चर्च प्रशासन को मैदान लीज पर दिया गया है। 2020 तक के लिए उसका नवीनीकरण भी हुआ है। सुरक्षा और सफाई के आधार पर चर्च प्रशासन मैदान की बाउंड्री वाल का निर्माण कराना चाहता है लेकिन स्थानीय लोग विरोध में हैं। वार्ता की गई लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है। फिलहाल चाहरदीवारी का निर्माण रोक दिया गया है। जो निर्माण हो गया उसे गिराया भी नहीं जाएगा। दोनों पक्षों के साथ वार्ता कर जल्द समाधान निकाला जाएगा।’
आयुष चौधरी, एसडीएम सदर

ये है विवाद
0 सेंट पीटर चर्च के सामने का मैदान 2020 तक के लिए लीज पर है। चर्च प्रशासन उसकी चाहरदीवारी बनवाना चाहता है। पादरी प्रवीण मैसी का कहना है कि मैदान खुला होने की वजह से गंदगी रहती है। अराजक तत्वों का हमेशा खतरा बना रहता है। कुछ दिन पहले यहां एक डेड बॉडी भी फेंक दी गई थी। इसलिए बाउंड्री वाल का निर्माण कराया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि बाउंड्री में स्थाई गेट नहीं होगा। घुमावदार बैरियर होगा। ताकि, वाहन न जा सकें। बच्चे तथा अन्य लोग पैदल उसमें किसी भी समय जा सकेंगे। आने-जाने के लिए रास्ता भी दे दिया गया है लेकिन लोग राजी नहीं हैं। वहीं आसपास के लोगों का कहना है कि उनके बच्चों को खेलने से रोका जाता है। उन्हें शादी-विवाह करने से भी रोका जाता है। उनका कहना है कि सरकार इसकी बाउंड्री वाल का निर्माण कराए तो वे सहमत हैं। लोगों का यह भी कहना है कि लीज का नवीनीकरण भी नहीं हुआ है। ऐसे में वह जमीन अब चर्च की नहीं है। एसडीएम के जाने के बाद भी हर्षवर्धन बाजपेई ने दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता की। उनके प्रतिनिधि एक साथ भी बैठाए। विधायक की तरफ से समाधान के कई प्रस्ताव रखे गए लेकिन उन पर सहमति नहीं बन पाई।
विज्ञापन

000
घंटा बजाकर जुटाए गए मसीही
एसडीएम सदर कक्ष में वार्ता विफल होने के बाद विवादित मैदान पर वार्ता का निर्णय लिया गया। इसके बाद करीब दो बजे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मैदान के पास इकट्ठा हो गए। वे बाउंड्री गिराए जाने की बात कर रहे थे। उधर, चर्च का घंटा बजाकर मसीही समाज के लोगों को भी बुला लिया गया। घंटा लगातार बजता रहा और बड़ी संख्या में लोगों का चर्च में जमावड़ा हुआ। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। ऐसे में दोनों तरफ से बड़ी संख्या में लोगों के आमने-सामने आ जाने से टकराव की आशंका बन गई थी। इसकी आशंका वहां मौजूद लोगों को भी थी। इसलिए माइक आदि भी मंगा लिए गए थे। ताकि, लोगों को नियंत्रण में रखा जा सके। हालांकि, दोनों पक्ष के लोगों ने अपनी सीमा नहीं तोड़ी और बवाल टल गया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें