रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
नवाबगंज इलाके के डांडी गांव में सोमवार सुबह उषा (21) और उसके देवर धमेंद्र यादव (17) की कुएं में गिरने से मौत हो गई। परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि पानी भरते समय रस्सी टूटने से देवर कुएं में गिरा तो उसे बचाने की कोशिश में भाभी भी जा गिरी। उन दोनों को कुएं से निकालकर अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बची। पुलिस ने दोनों शव सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। गांव में इस घटना को लेकर हर कोई हतप्रभ है और इसकी चर्चा है।
डांडी गांव निवासी साधू उर्फ जीतलाल यादव पहले खेती करता था। करीब दो साल से वह साधु का जीवन व्यतीत करने लगा। उसके पांच पुत्रों में धमेंद्र चौथे नंबर पर था। वह कक्षा ग्यारह का छात्र था। दो बेटे शारदादीन और विनोद कुमार बरसों पहले मध्य प्रदेश के शहडोल जनपद जाकर धनपुरी स्थित मिठाई की दुकान में काम करने लगे थे। विनोद ने इसी साल 29 फरवरी को शहडोल में ही उषा से शादी कर ली। विवाह के बाद से उषा ज्यादातर वक्त यहां डांडी स्थित ससुराल में रही जबकि विनोद शहडोल में रहता। वह महीने में एक या दो बार आता।
इधर करीब एक महीने से वह अपने बड़े भाई शारदादीन का इलाज कराने के लिए इलाहाबाद आया था। सोमवार सुबह विनोद की पत्नी उषा और उसका छोटा भाई धमेंद्र कुएं में गिर गए। पता चलते ही आसपास के लोगों ने किसी तरह उन दोनों को बाहर निकाला। फौरन धमेंद्र और उषा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उन्हें मृत बताया गया। घटना के बारे में परिवार के लोगों ने कहा कि धमेंद्र सुबह करीब साढ़े आठ बजे कुएं से पानी लेने गया था तभी रस्सी टूटने से वह कुएं में गिर गया। पता चलने पर भाभी उषा ने बचाने की कोशिश की तो वह भी कुएं में गिर गई। हालांकि गांववालों का कहना है कि दोनों ने खुदकुशी की है।
उषा की मां गीता और चाचा शिवमोहन उसे विदा कराने के लिए सोमवार सुबह ही शहडोल से इलाहाबाद आए थे। घटना के वक्त पति विनोद उन दोनों को कौड़िहार बाजार लेने गया था, जहां वे बस से उतरे थे। विनोद सास और चचिया ससुर को लेकर घर आ रहा था तभी उसे फोन पर खबर मिली कि उषा और धमेंद्र कुएं में गिरकर जान गंवा बैठे हैं। गीता दामाद और देवर के साथ सीएचसी पहुंची, जहां बेटी उषा और धमेंद्र के शव देख सदमे में बेहोश हो गई। कुछ देर बाद होश आया तो रोने-कलपने लगी। धमेंद्र के भी माता-पिता और भाई रोते-बिलखते रहे।
इस घटना की जो वजह बताई गई है वो किसी के गले नहीं उतर रही है। परिजनों ने कहा है कि कुएं से पानी भरी बाल्टी खींचते समय रस्सी टूटने से धमेंद्र कुएं में गिर गया। मगर ऐसा हो नहीं सकता। पानी भरी बाल्टी खींचते समय रस्सी टूटने पर कोई भी व्यक्ति पीछे की तरफ गिरता है। अक्सर ऐसा होता भी है। मौके पर जुटे गांव वाले भी यही कह रहे थे। उन्होंने कहा कि धमेंद्र और उषा एक साथ कुएं में गिरे थे।
पंचनामा भरकर नवाबगंज पुलिस ने धमेंद्र और उषा के शव स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल स्थित चीरघर पहुंचा दिया मगर साथ में परिवार का कोई सदस्य या कोई रिश्तेदार नहीं आया। पुलिसवाले शव चीरघर के भीतर रखकर चले गए।