एक तरफ नवरात्र में देवी पूजा की धूम है, सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़-चढ़कर दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ दरिंदगी की शिकार एक अभागी बेटी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। आरोपी स्कूल प्रबंधक ने छात्रा को गर्भपात की दवा खिला दी थी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। हैरत की बात यह है कि स्कूल प्रबंधक के खिलाफ एक अक्तूबर को ही दुष्कर्म तथा एससी-एसटी तथा पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है, मगर वह अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। इस पूरी घटना से ग्रामीण सकते में हैं और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होने से उनमें काफी आक्रोश है।
तिलईबाजार इलाके के एक व्यक्ति ने गांव के पास ही स्कूल खोला है। वह स्कूल का प्रबंधन देखता है। गांव की 16 वर्षीय दलित किशोरी उसके स्कूल में पढ़ती थी। वह प्रबंधक से कोचिंग भी पढ़ती थी। आरोप है कि इसी दौरान प्रबंधक ने छात्रा के साथ कई बार दुष्कर्म किया। जिससे छात्रा गर्भवती हो गई। करीब 15 दिन पहले प्रबंधक ने गर्भपात कराने के लिए छात्रा को दवा खिला दी। इससे छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उपचार के लिए डॉक्टर के पास ले गए तो उसके गर्भवती होने की जानकारी हुई। यह जानकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद छात्रा ने घरवालों को आपबीती सुनाई। घरवालों ने मऊआइमा थाने में प्रबंधक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी प्रबंधक के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। उधर, छात्रा की हालत दिनों दिन बिगड़ती गई। बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दुराचार पीड़िता की मौत की खबर पाकर मऊआइमा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। आरोपी प्रबंधक की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि उसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
0 पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपी पर विधिक कार्रवाई की जाएंगी। नामजद आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
0 जितेंद्र गिरी, सीओ, सोरांव।