दो हफ्ते बीतने को, हत्यारों का नहीं मिला सुराग
धूमनगंज के सिपाही पुत्र सर्वेश की हत्या का मामला
मामले के दो आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। धूमनगंज के अबूबकरपुर निवासी सिपाही के बेटे सर्वेश की अगवा कर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। देा हफ्ते बाद भी घटना को अंजाम देने वाले दो बदमाशों का पता नहीं लगाया जा सका है। यही नहीं पुलिस अब तक हत्या में प्रयुक्त बाइक का भी पता नहीं लगा सकी है।
अबूबकरपुर निवासी फुल्लर सिंह पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर महोबा में तैनात हैं। वह मूल रूप से कौशाम्बी के कोखराज क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके तीन बेटों और दो बेटियों में सर्वेश सबसे छोटा था। कौशाम्बी के एक कॉलेज से एलएलबी तृतीय वर्ष में पढ़ाई कर रहा सर्वेश नौ मई को संदिग्ध हालात में अपनी बोलेरो समेत गायब हो गया था। 10 तारीख को गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस चुपचाप बैठ गई। 22 मई को एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद सर्वेश के दोस्त समीर और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 24 मई को घरवालों को बताया गया कि सर्वेश की हत्या कर दी गई है। पकड़े गए समीर की निशानदेही पर संगम क्षेत्र में बाल और सर्वेश के खून से सने कपड़े के साथ ही चाकू बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया था कि रुपयों के लेनदेन को लेकर सर्वेश की हत्या की गई। जिसमेें समीर के साथ ही बिहार निवासी रोहित व गब्बर भी शामिल थे। हालांकि पुलिस अब तक दोनों का पता नहीं लगा सकी है। पूछने पर धूमनगंज पुलिस ने हर बार की तरह यही जवाब दिया कि तलाश जारी है।
किसके दबाव में चुप है पुलिस
मृतक के घरवालों ने मामले में एक चौकी इंचार्ज की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की थी। हालांकि पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। घरवालों का आरोप है कि आरोपी समीर कर्नलगंज थाने में तैनात एक चौकी इंचार्ज का भाई है। चौकी इंचार्ज के ही दबाव में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में देरी की। आरोप यह भी है कि जिस बाइक से सर्वेश को घटनास्थल तक ले जाया गया, उस सफेद रंग की अपाचे बाइक भी उसी चौकी इंचार्ज की थी। जिसका पता अब तक पुलिस नहीं लगा सकी है। सवाल यह है कि आखिर किसके दबाव में पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है।
सीओ का आदेश भी ठेंगे पर
मृतक सर्वेश के परिजनों ने धूमनगंज पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीओ सिविल लाइंस से शिकायत की थी। जिस पर उन्होंने धूमनगंज इंस्पेक्टर को नोटिस जारी कर यह बताने को कहा था कि एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हुई। साथ ही यह भी पूछा था कि घटना में प्रयुक्त बाइक के बारे में पता क्यों नहीं लगाया गया। हालांकि सूत्रों की मानें तो हफ्ते भर से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी धूमनगंज इंस्पेक्टर की ओर से जवाब नहीं दिया गया है। मामले में सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद्र का कहना है कि स्पष्टीकरण के लिए रिमाइंडर भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।