नमक की कमी को लेकर शनिवार को भी खूब हो हल्ला मचा। इस दौरान लोगों ने नमक खरीदने की होड़ मची रही। जो दुकानें शुक्रवार की शाम जल्दी बंद हो गई थी, वहां शनिवार की सुबह नमक खरीदने वालों की खासी भीड़ रही। हालांकि इस दौरान कुछ दुकानदार भी लोगों को समझाते रहे कि वे परेशान न हो। क्योंकि शहर में नमक की कमी नहीं है। लोगों को बताया गया कि 500 और 1000 के नोट बंद हो जाने की वजह से ही फुटकर विक्रेता थोक की दुकानों से नमक नहीं खरीद पा रहे हैं। इस वजह से ही फुटकर दुकानों में नमक का स्टॉक खत्म हुआ है।
उधर मुट्ठीगंज, बहादुरगंज आदि थोक मार्केट में भी सुबह से ही नमक के लिए फुटकर विक्रेताओं के साथ लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुबह दस बजे के बाद मार्केट खुलने के बाद ही वहां बताया गया कि अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। इस बीच एक अफवाह यह भी फैली कि शहर में चीनी और आटा की भी कमी हो गई है। इसे लेकर भी शहर में खूब हो हल्ला हुआ। साउथ मलाका, रामबाग, अल्लापुर, सोहबतियाबाग, तेलियरगंज, करेली, अटाला, मिन्हाजपुर की दुकानों पर लोग चीनी, आटा की कमी को लेकर पहुंच गए। हालांकि कमी की बात कोरी अफवाह ही निकली।
इलाहाबाद। आयकर विभाग की छापेमारी की खबर को लेकर शनिवार को एक बार फिर से शहर के चौक स्थित सर्राफा मार्केट की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। शुक्रवार की तरह शनिवार को भी सर्राफा मार्केट की अधिकांश दुकानें बंद रही। यहां लोगों में इसी बात को लेकर चर्चा होती रही कि आयकर और वाणिज्य कर विभाग की टीम किसी भी पल छापामारी की कार्रवाई कर सकती है। इस बारे में प्रयाग सर्राफा मंडल के अध्यक्ष कुलदीप सोनी का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए जाने की वजह से इन दिनों कारोबार बेहद सुस्त पड़ गया है। सहालग होने के बावजूद लोग सर्राफा की दुकानों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसी वजह से ज्यादातर दुकानदार अपनी दुकान नहीं खोल रहे हैं। उधर सिविल लाइंस में भी कई बड़े ज्वैलर्स के शो रूम बंद रहे।
नगर निगम और जलकल विभाग के टैक्स काउंटर रविवार एवं सोमवार को भी खुले रहेंगे। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र ने बताया कि इन काउंटरों पर शहरी हाउस टैक्स जमा कर सकते हैं। इसमें एक हजार और पांच सौ के नोट भी लोग दे सकते हैं। उधर जलकल विभाग की ओर से भी यह व्यवस्था की गई है।
500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद शहर के तमाम मोटर मैकेनिक खासे परेशान है। ज्यादातर मैकेनिकों का यही कहना है कि बड़े नोट बंद होने की वजह से बाइक, स्कूटर आदि की मरम्मत कराने वाले ग्राहकों की संख्या आधी हो गई है। सिविल लाइंस में इंदिरा भवन के पीछे मजार वाली गली में बाइक, स्कूटी की मरम्मत करने वाले मुन्ना भाई ने बताया कि पिछले चार दिनों से एकाएक ग्राहकों की कमी हो गई है। जो आ भी रहे हैं तो वे बड़े नोट लेकर आ रहे हैं। रामबाग के इमरान मैकेनिक ने भी यही व्यथा कही।
बड़े नोट बंद होने का असर शहर के बाजार के साथ ही तमाम सैलूनों पर भी पड़ा है। आजाद नगर के शर्मा सैलून के संचालक ने बताया कि बीते कुछ दिनों से ग्राहकों की कमी हो गई है। कहा कि सहालग के सीजन में लोग सजने संवरने के लिए ज्यादा आते है, लेकिन इस बार 500 और 1000 के नोट बंद हो जाने से लोग सैलून आने से कतरा रहे हैं। सिविल लाइंस स्थित बड़े सैलून में भी लोगों की संख्या में गिरावट आई है।