यह बात संज्ञान में आने के बाद एसओ पूरामुफ्ती उपेंद्र सिंह ने जांच कर करीब पांच करोड़ 20 लाख की संपत्तियों को चिन्हित कराया। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट की जांच कर रहे इंस्पेक्टर धूमनगंज राजेश मौर्या ने एसएसपी के माध्यम से डीएम को संपत्तियों की रिपोर्ट सौंपी। डीएम के आदेश पर एसडीएम, एसपी सिटी दिनेश सिंह, एएसपी अभिषेक भारती और बड़ी संख्या में कई थानों की फोर्स असरौली गांव पहुंची। संपत्तियों को कुर्क कर सभी जगह कुर्की बोर्ड लगा दिया गया।
गोतस्कर मुजफ्फर ने अपने नजदीकी रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की संपत्तियों को बनाया था। ऐसी करीब पांच करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया गया। - दिनेश सिंह, एसपी सिटी
जेल में रहते हुए जीता था ब्लाक प्रमुख का चुनाव, नहीं ले सका शपथ
मूल रूप से नवाबगंज का रहने वाला गो तस्कर मुजफ्फर पिछले कई सालों जेल में बंद है। जेल में रहते हुए उसने कौड़िहार ब्लाक प्रमुख का चुनाव भी जीत लिया था। हालांकि वह आज तक शपथ ग्रहण नहीं कर पाया।
अप्रैल में भी पांच करोड़ की संपत्तियों को किया गया था कुर्क
मुजफ्फर की पांच करोड़ की संपत्तियां अप्रैल 2022 में भी कुर्क की गई थी। मुजफ्फर और उसकी पत्नी के नाम पर करीब पांच करोड़ की संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्क किया गया था। इसके बाद पुलिस को पता चला था कि मुजफ्फर ने अपने नजदीकी रिश्तेदारों के नाम से भी तमाम संपत्तियां बनाई हैं। इनका मूल्य भी पांच करोड़ के ही लगभग है। इसके बाद इन संपत्तियों को भी मुजफ्फर की मानते हुए उन्हें कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए गए।