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एसआरएन अस्पताल में प्लाज्मा थेरेपी से कोविड का इलाज शुरू

Sat, 26 Sep 2020 11:46 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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एसआरएन में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना मरीज का उपचार करते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
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एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एल थ्री लेवल के एसआरएन अस्पताल में शुक्रवार को प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना के इलाज की शुरूआत की गई। अस्पताल के वार्ड नंबर सात में भर्ती करनपुर के एक 60 वर्षीय कोविड संक्रमित को प्लाज्मा चढ़ाया गया। विशेषज्ञों के दल ने प्राचार्य एसपी सिंह के निर्देशन में मंडल की पहली प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल किया। मरीज पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल्द ही अन्य मरीजों को भी प्लाज्मा चढ़ाया जाएगा। प्लाज्मा डोनेशन की शुरूआत 19 सितंबर को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने की थी। 
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प्लाज्मा डोनेशन की तैयारियों के बाद दो दिन पहले वार्ड सात में भर्ती संक्रमित मरीज को थेरेपी के लिए चुना गया था। शुक्रवार को प्राचार्य के साथ विशेषज्ञों की टीम ने कई परीक्षणों के बाद संक्रमित मरीज को प्लाज्मा चढ़ाया। प्राचार्य डॉ. सिंह ने बताया कि पहला ट्रायल उत्साह बढ़ाने वाला रहा। मरीज की निगरानी की जा रही है। अन्य संक्रमितों का भी इसी थेरेपी से इलाज किया जाएगा। पहले प्लाज्मा थेरेपी ट्रायल में एसआईसी एसआरएन डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. सुजीत वर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. आरके यादव, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. नितीश, डॉ. कृष्णा, भाग्य लक्ष्मी के साथ स्टाफ नर्स माया शामिल रहीं।

30 प्लाज्मा डोनरों ने कराया पंजीकरण, छह सोमवार को करेंगे प्लाज्मा दान

प्लाज्मा थेरेपी नोडल अधिकारी पैथालॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. वत्सला मिश्रा ने बताया कि प्लाज्मा के लिए 30 दान दाताओं ने पंजीकरण कराया है। शर्त यह है कि दानदाता कोविड संक्रमण से 28 दिन पहले मुक्त हो चुका हो। कई जरूरी जांच के बाद डोनर को प्जामा डोनेशन के लिए बुलाया जाएगा। फिलहाल छह लोगों को चिह्नित किया गया है, जिनका प्लाज्मा डोनेशन सोमवार को कराया जाएगा। सभी की जांच मानक के अनुरूप पाई गई है। अभी कॉलेज के जिन जूनियर डॉक्टरों ने प्लाज्मा डोनेट किया था, उसे से थेरेपी की शुरूआत कराई गई है। 

कोरोना को मात दे चुके लोग कर सकते हैं प्लाज्मा डोनेशन

एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और नोडल अधिकारी डॉ. वत्सला मिश्रा ने ज्यादा से ज्यादा लोगों से प्लाजा डोनेट करने की अपील की है। डॉ. वत्सला ने बताया कि कोरोना को मात देकर संक्रमण मुक्त हो चुके लोग ही प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। बाध्यता है कि संक्रमण मुक्त होने के 28 दिन पूरे हो चुके हों। लोग सेवा भाव से जागरूक होकर प्लाज्मा डोनेट करेंगे तो ज्यादा से ज्यादा संक्रमितों को प्लाज्मा थेरेपी का लाभ मिल पाएगा। इसके लिए एसआरएन अस्पताल के ब्लड बैंक से संपर्क या उनसे संपर्क किया जा सकता है। 

अपर मुख्य सचिव ने दिए थे प्लाज्मा थेरेपी शुरू कराने के निर्देश 

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा और नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश दुबे ने पिछले दिनों यहां आए थे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह को यहां प्लाज्मा थेरेपी शुरू करने के निर्देश दिए थे। प्लाज्मा थेरेपी के लिए पैथालॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. वत्सला मिश्रा को नोडल अधिकारी नामित किया। इसकी तैयारी शुरू की गई। फिर बीते शनिवार को मेडिकल कॉलेज में डिप्टी सीएम ने एक संक्षिप्त कार्यक्रम में प्लाज्मा डोनेशन की शुरूआत कराई। कोरोना को मात दे चुके कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों ने प्लाज्मा डोनेट किया था। मौके पर डिप्टी सीएम ने दोनों डोनरों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया था।
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