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कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन हुआ तो अदालत करेगी कार्रवाई

Thu, 06 Aug 2020 01:48 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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कोराना वायरस को लेकर जारी केंद्र और राज्य सरकार की गाइड लाइन के पालन में लापरवाही की शिकायतों पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराएंगे तो अदालत को कार्रवाई करनी पड़ेगी। अदालत ने कहा कि ‘दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी’ स्लोगन का पालन नहीं हो रहा है। लोगों ने अनलॉक का गलत मतलब निकाला और खुलेआम घूम रहे हैं।
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कोर्ट ने कहा है कि जिला प्रशासन व पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह केंद्र सरकार के मास्क पहनने व शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों का कड़ाई से पालन कराए। क्वारंटीन सेंटरों की दुर्दशा व अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधाओं को लेकर कायम जनहित याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कोरोना को लेकर सरकार के उपायों पर असंतोष जाहिर किया है।

सोशल डिस्टेंसिंग न मिलने पर बंद कराएं दुकानें

कोर्ट ने प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि दो गज की शारीरिक दूरी व मास्क पहनने के नियम का पालन नहीं करने दुकानदारों की दुकानें बंद कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। इसके अलावा लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लीनिक की ओपीडी में यदि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न हो रहा हो तो इन पर भी कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार से हाईकोर्ट में भी मुकदमों का दाखिला नियमों के तहत ही कराने का निर्देश दिया है।

बाइक पर सिर्फ पति-पत्नी
कोर्ट ने कहा है कि पति-पत्नी के सिवाय किसी दो पहिया वाहन पर दो सवारी की अनुमति न दी जाए। बहुत जरूरी होने पर ही दोपहिया वाहनों पर दो सवारी की अनुमति दी जा सकती है। कोर्ट ने महानिबंधक को 12 घंटे में आदेश की प्रति प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, एसएसपी व एसपी को भेजने का आदेश दिया है।
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अतिक्रमण हटाए नगर निगम
हाईकोर्ट ने नगर निगम प्रयागराज द्वारा समयबद्ध कार्ययोजना के तहत अतिक्रमण हटाने में नाकाम रहने पर नगर आयुक्त को अगली सुनवाई पर तलब किया है। इस दौरान तय योजना के अनुसार अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है। इससे पहले नगर निगम ने कहा था कि अतिक्रमण हटाया जा रहा है मगर याची अधिवक्ता ने जो फोटोग्राफ कोर्ट में पेश किए उसने अदालत का रुख बदल दिया।

टेस्ट रिपोर्ट में देरी पर जताई नाराजगी
कोर्ट ने कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आने में हफ्तों की देरी पर नाराजगी जताई है और सीएमओ प्रयागराज से 20 जुलाई से पांच अगस्त के बीच टेस्ट की तारीख व रिपोर्ट देने की तारीख के ब्योरे के साथ हलफनामा मांगा है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि टेस्ट रिपोर्ट आने में देरी बैकलाग के कारण हो रही थी, अब समय से जांच रिपोर्ट दी जा रही है। अदालत का कहना था कि कोरोना पर सरकारी डाटा से लगता है कि स्थिति नियंत्रण में है, किंतु संक्रमण बढ़ रहा है। अखबारों की रिपोर्ट उत्साहवर्धक नहीं है। लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। सरकारी व्यवस्था में खामी है। लोगों को समय से जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। इन सभी मुद्दों पर सात अगस्त को सुनवाई होगी।
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