इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि डीएलएड-2021 बैच के द्वितीय सेमेस्टर की बैक परीक्षा परिणाम में गणित के अंक प्रदर्शित नहीं करने और परिणाम रोकने के मामले में परीक्षा नियामक प्राधिकारी(पीएनपी) अपना पक्ष रखें। अगली सुनवाई जुलाई के तीसरे सप्ताह में होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने प्रयागराज की राधिका और चार अन्य की याचिका पर दिया है। अधिवक्ता ने दलील दी कि याची डीएलएड-2021 बैच के अभ्यर्थी हैं। इन्होंने चार अप्रैल 2025 को द्वितीय सेमेस्टर की बैक परीक्षा में भाग लिया था।
परीक्षा के बाद पीएनपी ने अधिकांश का परिणाम जारी कर दिया पर कुछ अभ्यर्थियों की अंकतालिका में गणित के अंक अंकित नहीं किए। इससे उनका द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम रिजेक्ट दिख रहा।
अभ्यर्थी डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं पर द्वितीय में बैक पेपर के परिणाम में इस त्रुटि से अंतिम परिणाम भी प्रभावित हो गया है। ब्यूरो