आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले दोनों जालसाजों ने नौ महीने के भीतर 800 से ज्यादा फर्जी हेल्थ कार्ड बनाए थे। दोनों ने पूछताछ में यह बात पुलिस को बताई है। अतरसुइया पुलिस ने शुक्रवार को दोनों को जेल भेज दिया।
अतरसुइया में एक दिन पहले जाली हेल्थ कार्ड बनाने के खेल का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस ने नैनी निवासी आलोक अग्रहरि व मुट्ठीगंज निवासी विवेक दुबे को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 43 हेल्थ कार्ड, थंब इंप्रेशन स्कैनर मशीन व अन्य सामान बरामद किया था। जिनसे प्रारंभिक पूछताछ में पता चला था कि दोनों ज्यादा रकम लेकर अपात्रों का हेल्थ कार्ड बनाते थे। सीओ बैरहना आईपीएस सोमेंद्र मीणा ने आरोपियों से पूछताछ की तो और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने बताया कि वह सीएससी एजेंसी के लिए काम करते हैं जो हेल्थकार्ड बनाने के लिए अधिकृत है। बताया कि दोनों यह काम मार्च से कर रहे थे। सबसे बड़ी बात यह रही कि तब से लेकर अब तक वह करीब 800 फर्जी हेल्थ कार्ड बना चुके हैं। उधर सूचना पर जिला कार्यक्रम आयुष्मान भारत, प्रभारी दरियाबाद सीएचसी व जिला सूचना प्रबंधक भी आ गए जिन्होंने आरोपियों के कब्जे से बरामद कार्ड फर्जी होने की तस्दीक की। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए। सीओ ने बताया कि दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। दोनों के बारे में संबंधित एजेंसी को भी पत्र लिखा जाएगा।