कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पिछले वर्ष सर्वाधिक ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें उत्तर मध्य रेलवे जोन से ही गुजरी थीं। उस दौरान एनसीआर जोन द्वारा ऑक्सीजन एक्सप्रेस प्राथमिकता के आधार पर चलाई गई।
कोरोना की तीसरी संभावित लहर को देखते हुए रेलवे ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए चली ऑक्सीजन एक्सप्रेस को इस बार जरूरत पड़ने पर दोबारा चलाने की योजना बनाई गई है। इस संबंध ने एनसीआर समेत तमाम जोनल रेलवे को रेलवे बोर्ड ने पत्र भेजकर जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन एक्सप्रेस के संचालन की तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया है।
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पिछले वर्ष सर्वाधिक ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें उत्तर मध्य रेलवे जोन से ही गुजरी थीं। उस दौरान एनसीआर जोन द्वारा ऑक्सीजन एक्सप्रेस प्राथमिकता के आधार पर चलाई गई। इस वजह से काफी लोगों की समय से ऑक्सीजन मिलने की वजह से जान बच गई। रेलवे द्वारा सभी ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के निर्बाध संचालन के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था।
अब देश भर मेें कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए रेलवे ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। प्रयागराज मंडल के डीआरएम मोहित चंद्रा का कहना है कि पिछले वर्ष ऑक्सीजन की समस्या आई थी। अगर इस बार भी कोई दिक्कत आती है तो निश्चित ही ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन बोर्ड के निर्देश पर किया जाएगा। हालांकि अब तमाम शहरों में ऑक्सीजन के प्लांट लग गए हैं। प्रयागराज के रेलवे अस्पताल में भी प्लांट लग गया है।