30 दिसंबर को हुई घटना में मुख्य आरोपी विमलेश पांडेय, उसके साथी सतीश व लाली को जेल भेजा जा चुका है। नामजद अवनीश व संदीप पांडेय फरार हैं जिन्हें अब तक नहीं पकड़ा जा सका है।
कीडगंज में विधायक के बहनोई संदीप गुप्ता पर फायरिंग व उनके भाई विशाल की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई ढीली पड़ गई है। नामजद दो आरोपियों को जेल भेजने के तीन दिन बाद भी नामजद दो आरोपियों का सुराग पुलिस हासिल नहीं कर सकी है। उधर मुख्य आरोपी विमलेश के शरणदाताओं पर भी अब तक शिकंजा नहीं कसा जा सका है।
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30 दिसंबर को हुई घटना में मुख्य आरोपी विमलेश पांडेय, उसके साथी सतीश व लाली को जेल भेजा जा चुका है। नामजद अवनीश व संदीप पांडेय फरार हैं जिन्हें अब तक नहीं पकड़ा जा सका है। जिस तरह बेहद नाटकीय ढंग से पुलिस ने मुख्य आरोपी विमलेश को पकड़ा था, उसे लेकर तरह तरह के सवाल भी उठे थे। यह भी चर्चा थी कि विमलेश घटना के बाद अपने कुछ मददगारों के पास छिपकर शहर में ही रह रहा था।
इसमें आबाकारी विभाग के एक सिपाही के अलावा कुछ अन्य लोगों का भी नाम सामने आया था। जिनसे पुलिस ने पूछताछ भी की थी। दो महिलाओं को भी बुलाकर पुलिस ने उनसे सवाल जवाब किए थे। हालांकि अब तक हत्यारोपी को शरण देने वालों पर शिकंजा नहीं कसा जा सका है। यह हाल तब है जब मामला सत्ताधारी दल के विधायक से जुड़ा है। एसओ मनोज यादव का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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पीड़ित का बयान लेने लखनऊ जाएगी टीम
मामले में अब तक विधायक के बहनोई संदीप का बयान नहीं लिया जा सका है। गौरतलब है कि घटना के अगले ही दिन संदीप को लखनऊ रेफर कर दिया गया था और उनका इलाज अब भी चल रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही एक टीम लखनऊ जाएगी।