फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अदालतें खुतली रहीं तो बढ़ेगा कोरोना संक्रमण

विज्ञापन
विज्ञापन
आठ मई से ग्रीन और ऑरेंज जोन वाले जिलों में अदालतें खोले जाने से संक्रमण के और बढ़ने का खतरा है। यह बात जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष और एल्डर कमेटी के चेयरमैन उमाशंकर तिवारी ने जिला अदालतों में कोविड 19 से उत्पन्न स्थिति की मुख्य न्यायमूर्ति और जिला अदालतों में मॉनिटरिंग के लिए गठित हाईकोर्ट के जजों की कमेटी को भेजे पत्र में कही है। उन्होंने आगाह भी किया है कि जिस प्रकार से लॉकडाउन के नियमों की अनदेखी की जा रही है, उससे अदालतों के खुले रहने पर संक्रमण भयानक रूप ले सकता है।
विज्ञापन

पत्र में कहा है कि आठ मई को अदालत खोले जाने के दौरान वकीलों की भीड़ उमड़ी जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा सका। विभिन्न समाचारपत्रों ने इस स्थिति को रिपोर्ट भी किया है। उनका कहना है कि पूरा देश एक विशेष आपात स्थिति से गुजर रहा है और तमाम संस्थाओं ने इस स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। ऐसे में जिला अदालतों को भी खोले जाने का निर्णय सही नहीं है। इससे पूर्व जिला अधिवक्ता संघ के मंत्री राकेश दुबे और अन्य अधिवक्ता संगठनों से जुड़े वकील अदालतों को मौजूद हालात में खोले जाने के निर्णय पर असहमति जता चुके हैं।
ई-मेल सिस्टम से वकीलों को परेशानी
लॉक डाउन के दौरान जिला अदालतों में जमानत प्रार्थनापत्रों को दाखिल करने के लिए ई-मेल आईडी का उपयोग करने के निर्देश से वकीलों को परेशानी है। उनका कहना है कि सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, जिससे परेशानी उठानी पड़ रही है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए सिर्फ एक रूम बनाया गया है। वहां वकीलों की भीड़ हो जा रही है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

हाईकोर्ट में भी नहीं हो रहा है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
मुकदमों की ई-फाइलिंग के दौरान हाईकोर्ट में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। वकीलों को कोर्ट फीस जमा करने और पेटीशन स्कैन कराने के लिए ई-फाइलिंग सेंटर पर जाना पड़ता है, जहां लंबी कतार लग रही है। शुक्रवार को मुकदमा दाखिल करने गए अधिवक्ता सुशील तिवारी का कहना है कि काउंटर पर लंबी कतार थी और सिस्टम भी धीरे काम कर रहा था। मुकदमा दाखिल करने के लिए भीड़ में घुस कर कोर्ट फीस जमा करना और पेटीशन स्कैन कराने में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है।
बार कौंसिल ने संपन्न वकीलों से मांगी सहायता
बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हरी शंकर सिंह ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक रूप से परेशान वकीलों की सहायता करने की मांग संपन्न वकीलों से की है। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार से कोई मदद नहीं मिल पाई है, ऐसे में वकील ही एक दूसरे की सहायता करें। उन्होंने अधिवक्ता संगठनों से भी अपील की है वकीलों की सहायता अपने स्तर से करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें