इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी कोर्ट के निर्देश को गंभीरता से नहीं लेते, जिसके चलते बड़ी संख्या में कार्पोरेशन के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिकाएं दाखिल हो रही हैं। कोर्ट ने कार्पोरेशन के सक्षम प्राधिकारी को रिकॉर्ड के साथ 30 सितंबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने वाराणसी के बृजभान यादव की अवमानना याचिका पर दिया है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि अदालत के आदेश के अनुपालन की जवाबदेही तय करने का क्या तरीका है। इसकी प्रकिया कैसी है। निगम के खिलाफ कितने अवमानना के केस लंबित हैं और आदेश का पालन न करने या पालन में देरी करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने निगम को आदेश की प्रति सीज एम वाराणसी के मार्फत भेजने का निर्देश दिया है।
याची की पेट्रोल पंप आउटलेट डीलरशिप लाइसेंस की अर्जी खारिज कर दी गई, जिसपर हाईकोर्ट ने निगम को याची को सुनकर सकारण आदेश पारित करने का आदेश दिया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा है। आदेश का पालन न करने पर सीनियर मैनेजर सुबोध कुमार , इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के खिलाफ यह अवमानना याचिका दायर की गई है। सुनवाई 30 सितंबर को होगी।