बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने यूपी बार काउंसिल में अध्यक्ष और सचिव पद को लेकर जारी उठापटक को गंभीरता से लेते हुए वर्तमान निर्वाचित अध्यक्षों जानकी शरण पांडेय और रोहिताश्व कुमार अग्रवाल के काम करने पर रोक लगा दी है।
बीसीआई ने यूपी बार काउंसिल के कार्यों की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय कमेटी को सौंप दी है साथ ही नया चुनाव कराने के लिए नौ सदस्यों की कमेटी बना दी है। बीसीआई ने यूपी बार काउंसिल में चेयरमैन पर संयुक्त रूप से विजयी दो उम्मीदवारों के कार्यकाल आधा आधा बांट लेने को गैरकानूनी करार दिया है। बीसीआई ने यूपी बार काउंसिल के वित्तिय मामले काउंसिल के सदस्य अमरेंद्र नाथ सिंह और सचिव देवेंद्र मिश्र नगरहा को देखने का निर्देश दिया है।
बीसीआई ने दोनों निर्वाचित अध्यक्षों सहित किसी भी सदस्य को काउंसिल के कामों में दखल देने से भी रोक दिया है। यूपी बार काउंसिल में पिछले दो बार से लगातार ऐसा हो रहा है कि चेयरमैन के पद पर हुए चुनाव में दो उम्मीदवारों को बराबर मत प्राप्त हुए। लिहाजा आपसी सहमति से दोनों बार कार्यकाल छह-छह माह के लिए बांट लिया गया।
यूपी बार काउंसिल
- फोटो : अमर उजाला
जून 2020 में हुए चुनाव में भी जानकीशरण पांडेय और रोहिताश्व कुमार अग्रवाल संयुक्त रूप से विजयी हुए और दोनों ने कार्यकाल छह-छह माह बांटने का निर्णय आपसी सहमति से ले लिया। बीसीआई ने इसे गैरकानूनी माना है। कहा है कि बिना किसी नियम के ऐसा करना गैरकानूनी है। इससे काउंसिल की गरिमा को ठेस पहुंची है। बराबर मत पाने की स्थिति में टॉस करने का प्रावधान है जिसका उपयोग नहीं किया गया। इसी प्रकार की स्थिति उपाध्यक्ष पद के चुनाव में हुई है।
बीसीआई ने यूपी बार काउंसिल के सदस्य अब्दुल्ल रज्जाक खान, अमरेंद्र नाथ सिंह और मधुसूदन त्रिपाठी को बार काउंसिल की कमान सौंपते हुए जल्दी से जल्दी नियमानुसार चुनाव कराने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा काउंसिल में शांतिपूर्ण वातावरतण कायम रखने के लिए नौ सदस्यीय कमेटी जिसमें अमरेंद्र नाथ सिंह, बलवंत सिंह, पांचू राम मौर्य, अजय यादव, अखिलेश कुुमार अवस्थी, शिवकिशोर गौड़, मधुसूदन त्रिपाठी, शिशिर कुमार मेहरोत्रा और जय नारायण पांडेय को जिम्मेदारी सौंपी है। बीसीआई ने कहा है कि यदि सचिव के पद को लेकर किसी प्रकार का विवाद है तो तीन सदस्यीय कमेटी उसे भी देखे और अपनी रिपोर्ट बीसीआई सचिव को भेजे।