फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्रिवेणी मार्ग पर जलमग्न हुई पुरोहितों की भूमि,दर्जनों शिविरों पर संकट

Wed, 20 Jan 2021 01:55 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, प्रयागराज
विज्ञापन
magh mela - फोटो : prayagraj
विज्ञापन
गंगा का प्रवाह तेज होने से माघ मेला क्षेत्र में मंगलवार को सेक्टर चार और पांच के कई शिविरों पर संकट आ गया। इसी के साथ तटों पर बसे संतों और कल्पवासियों की मुसीबतें और बढ़ गईं। देर शाम गंगोली शिवाला पांटून पुल के पीपे में कटान से काफी देर तक यातायात भी प्रभावित रहा।
विज्ञापन

magh mela - फोटो : prayagraj
उधर, त्रिवेणी पांटून पुल के कुछ पीपे धंस भी गए। काली और त्रिवेणी मार्गों के बीच कई बीघे भूमि जलमग्न हो गई। इससे हड़कंप की स्थिति रही।
मंगलवार को संगम समेत माघ मेला क्षेत्र के सभी पांचों सेक्टर में गंगा के प्रवाह से दिक्कतें पैदा होने लगीं। महावीर मार्ग के अलावा सरस्वती मार्ग के पीछे वाले हिस्से में रेती जलमग्न हो गई।

magh mela - फोटो : prayagraj
इसी तरह त्रिवेणी मार्ग पर तीर्थपुरोहितों की कई बीघे भूमि जलमग्न होने से परेशानी बढ़ गई। सेक्टर-चार स्थित दंडी स्वामी नगर में इस दिन भी शिविरों के प्रभावित होने की आशंका बनी रही। इस वजह से संत और कल्पवासी दिन भर परेशान रहे। गंगा का जलस्तर बढ़ने से सेक्टर चार में शास्त्री पुल के नीचे से लेकर दंडी स्वामीनगर के शिविरों तक का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है।

magh mela - फोटो : prayagraj
स्वामी मुनीशाश्रम के अन्नक्षेत्र परिसर के और शिविरों को भी शिफ्ट कराने की नौबत आ सकती है। फिलहाल बाड़ लगाकर कई जगह कटान रोकने के लिए धारा डायवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, सेक्टर तीन और चार के स्नान घाटों से भी आगे पानी आ गया है। इससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

 
विज्ञापन

magh mela - फोटो : prayagraj

दुकानों का आवंटन नहीं,शहर से सामान खरीद रहे कल्पवासी

माघ मेला क्षेत्र में अब तक दुकानों का आवंटन न होने से संतों और कल्पवासियों को रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शिविरों में पहुंचे कल्पवासी आटा-दाल व अन्य वस्तुओं के लिए या तो झूंसी जा रहे हैं या फिर उन्हें दारागंज तक का सफर करना पड़ रहा है। प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्र मिश्र ने मेला प्रशासन से काली, त्रिवेणी मार्गों पर शीघ्र दुकानों के आवंटन का आग्रह किया है, ताकि शिविरों में रहने वाले तीर्थयात्रियों को भटकना न पड़े।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें