यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने मेरठ के विकास कुमार की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता लल्लू यादव व भारत सरकार के अधिवक्ता नरेंद्र कुमार चटर्जी ने पक्ष रखा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डायरेक्टर जनरल सीआरपीएफ आरके पुरम, नई दिल्ली को भर्ती में चयनित याची के अंगूठा निशान की फॉरेंसिक जांच प्रक्रिया तीन माह में पूरी कर अन्य विधिक अड़चन नहीं होने पर नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने मेरठ के विकास कुमार की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता लल्लू यादव व भारत सरकार के अधिवक्ता नरेंद्र कुमार चटर्जी ने पक्ष रखा।
याची का कहना है कि वह सीआरपीएफ कांस्टेबल भर्ती में सफल घोषित हुआ है, लेकिन अंगूठा निशान संदिग्ध होने आधार पर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी। याचिका में फॉरेंसिक जांच पूरी कर नियुक्ति की मांग की गई थी। भारत सरकार की ओर से जांच पूरी होने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय मागा गया, जिस पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है।