शिवकुटी के मेहंदौरी में वाणिज्यकर विभाग कर्मचारी रमेश प्रसाद सरोज 48 वर्ष की गाड़ी खड़ी करने के विवाद को लेकर हुई मारपीट के दौरान मौत हो गई। झगड़ा पड़ोस में ही रहने वाले वाणिज्य कर विभाग संग्रह अमीन से हुआ था। परिजनों की तहरीर पर उस समेत चार लोगों पर गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
रमेश मेहंदौरी में बद्री आवास योजना के पास स्थित वाणिज्यकर कॉलोनी में परिवार समेत रहते थे। वह प्रयागराज जोन कार्यालय में बतौर पर्सनल असिस्टेंट तैनात थे। बुधवार रात वह बेनीगंज में तेरहवीं में शामिल होने गए और रात 10 बजे के करीब वह वापस लौटे। इस दौरान कॉलोनी में ही रहने वाले वाणिज्यकर विभाग के संग्रह अमीन बृजेश वर्मा की गाड़ी खड़ी थी।
आरोप है कि रमेश ने गाड़ी हटाने को कहा तो बृजेश झगड़ने लगा। विवाद बढ़ा तो वह अपने भाई को भी बुला लाया। तब तक उसकी मां व भतीजी भी आ गईं और सभी मारपीट करने लगे। इसी दौरान धक्का लगने पर रमेश नाली पर गिरे और वहीं बेसुध हो गए। घरवाले उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस पहुंच गई और जांच पड़ताल के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शिवकुटी इंस्पेक्टर ने बताया कि बेटे आदित्य की तहरीर पर आरोपी बृजेश वर्मा के साथ उसके बड़े भाई, मां व भतीजी को नामजद करते हुए गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरापियों की तलाश की जा रही है।
गाड़ी खड़ी करने को लेकर अक्सर होता था विवाद
मेहंदौरी में सेल्स टैक्स विभाग कर्मचारी रमेश प्रसाद सरोज की हत्या के मामले में नामजद संग्रह अमीन अक्सर दबंगई दिखाता था। वह रास्ते में आड़े-तिरछे ढंग से गाड़ी खड़ी करता था जिसे लेकर अक्सर विवाद होता था।
कॉलोनी के लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बृजेश दबंग प्रवृत्ति का है और वह रास्ते में ही गाड़ी खड़ी कर देता है। वाहन आड़े तिरछे ढंग से खड़े होने के कारण आने-जाने में दिक्कत होती है। कॉलोनी वाले विरोध भी करते थे, लेकिन मानने की बजाय वह झगड़े पर उतारू हो जाता था। हफ्ते भर पहले भी उसका रमेश चंद्र से इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। तब कॉलोनी के लोगों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था।
घर में कोहराम, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक रमेश के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा व दो बेटियां हैं। तीनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं जिसमें बेटा आदित्य बीटेक कर रहा है। उनकी मौत से तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। उधर पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। उधर क्षेत्रीय पार्षद व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मुकुंद तिवारी भी मृतक के घर व मर्चरी पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया।
पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
मृतक रमेश चंद्र मूल रूप से नवाबगंज के सेरांवा गांव के रहने वाले थे। वह सिविल लाइंस स्थित सेल्स टैक्स विभाग के संयुक्त आयुक्त रेंज-2 कार्यालय में तैनात थे। मिलनसार स्वाभाव के रमेश के बारे में जिसने भी सुना, स्तब्ध रह गया। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर नवाबगंज के श्रृंगवेरपुर घाट पर गए और अंतिम संस्कार कर दिया।