प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदाें की सूचना उच्च शिक्षा निदेशालय को भेज दी गई है। सत्यापन के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेजा जाएगा। इसके बाद आयोग नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा।
रिक्त पदों की संख्या अभी तय नहीं है। कॉलेजों से मिली रिक्त पदों की सूचना के आधार पर अधियाचन तैयार करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने कमेटी के गठन का निर्णय लिया है। यह कमेटी अगले सप्ताह तक काम शुरू कर देगी। इसके बाद प्रदेश के जिन कॉलेजों से रिक्त पदों की सूचना आई है, उनका सत्यापन कराया जाएगा। यह सत्यापन भी होगा कि पद रिक्त होने की क्या वजह है।
शिक्षकों के तमाम पद ट्रांसफर होने या रिटायर होने के कारण खाली हुए होंगे। वहीं, कुछ पद शिक्षकों का निधन होने, पद छोड़ देने या अन्य कारणों से भी खाली होते हैं। सत्यापन पूरा होने पर अधियाचन तैयार किया जाएगा। निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि रिक्त पदों का अधियाचन जुलाई के पहले सप्ताह तक शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे जाने की तैयारी है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को स्थायी अध्यक्ष, स्थायी सचिव और चार स्थायी उप सचिव भी मिल जाने की उम्मीद है। चार उप सचिवों की नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, स्थायी अध्यक्ष के लिए आवेदन की प्रक्रिया काफी पहले पूरी हो चुकी है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण नियुक्तियां अटकी हुईं थीं। आचार संहिता समाप्त हो चुकी है। ऐसे में नियुक्तियों में अब कोई बाधा नहीं है।