आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को अब जारी करना होगा। आयोग अब तक यही तर्क दे रहा था कि सीबीसीआईडी जांच लंबित होने के कारण परिणाम घोषित नहीं हो पा रहा है। अब सीबीसीआईडी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और पेपर लीक के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। ऐसे में आयोग को अब 361 पदों पर भर्ती के लिए परिणाम घोषित करना होगा।
आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा 29 नवंबर 2016 को प्रदेश के 21 जिलों के 827 केंद्रों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए कुल 385191 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और इनमें से 203261 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा वाले दिन लखनऊ के एक केंद्र से पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। अभ्यर्थियों ने मांग की थी कि आयोग मामले में मुकदमा दर्ज कराए और इसकी जांच हो लेकिन आयोग ने कोई कदम नहीं उठाया। अंत में कोर्ट के आदेश में मुकदमा दर्ज हुआ और इसकी सीबीसीआईडी जांच शुरू कराई गई।
जांच लंबे समय तक चलती रही और अभ्यर्थी मांग करते रहे कि परीक्षा निरस्त की जाए या परिणाम जल्द घोषित किया जाएगा। इसको लेकर कई बार आंदोलन भी हुआ और हर बार आयोग के अफसरों ने यही तर्क दिया कि सीबीसीआई की जांच रिपोर्ट आने के बाद निर्णय लिया जाएगा। रिपोर्ट आ चुकी है और अभ्यर्थी भी मांग कर रहे हैं कि आयोग जल्द ही परिणाम जारी करे। अगर आयोग परीक्षा परिणाम जारी करत है तो एक साल के भीतर आरओ-एआरओ के 1170 पदों पर भर्तियां होंगी, क्योंकि आरओ-एआरओ 2017 के तहत 809 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा कराई जा चुकी है और अभ्यर्थियों को अब परिणाम का इंतजार है।