समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालय में कार्यरत अध्यापिका को 62 वर्ष की आयु से पूर्व ही रिटायर कर देने के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और समाज कल्याण विभाग से स्पष्टीकरण तलब किया है। कोर्ट ने अध्यापिका ऊषा शुक्ला के रिटायरमेंट आदेश पर भी रोक लगा दी है। ऊषा शुक्ला की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने यह आदेश दिया।
याची विकास विद्यालय ईश्वर शरण इलाहाबाद में अध्यापिका हैं। उनका कहना था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 22 जनवरी 2015 को उनको नोटिस जारी किया कि जन्म तिथि 15 फरवरी 1955 होने के कारण वह 15 फरवरी 2015 को 60 वर्ष पूरा कर रही हैं और उसी दिन रिटायर कर दी जाएंगी। इस नोटिस को चुनौती देकर कहा गया कि हाईकोर्ट ने दो न्यायिक निर्णयों में साफ किया है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों के अध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष होगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बिना आदेश को समझे आदेश जारी किया जो न्यायालय की अवमानना में आता है।