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प्रयागराज : बालगृह के बच्चे करेंगे योग, खेलेंगे टेबल टेनिस, 22 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा हाॅल

Sun, 26 Nov 2023 05:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उच्च न्यायालय ने बालगृहों में सुधार का आदेश दिया है। इसके तहत आवास और पौष्टिक आहार समेत चिकित्सा, शिक्षा और खेलकूद जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। इस बाबत बालगृहों का सर्वे भी कराया गया है। न्यायालय के आदेश के क्रम में सुधार की कवायद भी शुरू कर दी गई है।
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राजकीय शिशु गृह खुल्दाबाद। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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खुल्दाबाद स्थित राजकीय शिशु गृह के बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद का भी मौका मिलेगा। शिशु गृह की क्षत पर शेड की मदद से बड़ा हाॅल बनाने की योजना बनाई गई है। 22 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस हाॅल में टेबल टेनिस समेत अन्य खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा योग भी कराया जाएगा।

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उच्च न्यायालय ने बालगृहों में सुधार का आदेश दिया है। इसके तहत आवास और पौष्टिक आहार समेत चिकित्सा, शिक्षा और खेलकूद जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। इस बाबत बालगृहों का सर्वे भी कराया गया है। न्यायालय के आदेश के क्रम में सुधार की कवायद भी शुरू कर दी गई है। खुल्दाबाद राजकीय शिशु गृह में जगह नहीं है। मानक के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए नई जमीन तलाशनी होगी। ऐसे में फिलहाल उपलब्ध जगह में ही जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की कवायद शुरू की गई है।

इसके तहत शिशु गृह की छत को चारों तरफ से कवर करके हॉल बनाने की योजना बनाई गई है। यह ऊपर से कवर होगा। वहीं, बाउंड्री का ऊपरी हिस्सा जालीदार होगा। हाॅल में टेबल टेनिस, कैरम समेत अन्य कई इनडोर गेम की सुविधा होगी। इसके अलावा योग भी कराया जाएगा। हालांकि, कैरम आदि खेल अब भी होते हैं लेकिन सीमित दायरे में। जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह का कहना है कि हाॅल का प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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25 बच्चों को दिलाया गया है दाखिला

शिशु गृह में शून्य से 10 वर्ष तक बच्चे रहते हैं। इनमें से 25 की उम्र चार वर्ष से अधिक है। छह वर्ष से अधिक आयु के नौ बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाया गया है। वहीं, अन्य छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्राें में पढ़ने के लिए भेजा जाता है। पहले भी बच्चों को स्कूल भेजा जाता रहा है लेकिन उनकी संख्या बहुत कम होती थी। अब स्कूल जाने के योग्य सभी बच्चों को दाखिला दिलाया गया है।

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