तमाम यात्रियों को इसकी जानकारी अब तक नहीं है। इस बीच, अगर कोई यात्री अपने पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों का नाम रिजर्वेशन फार्म में भरता है तो उस बच्चे का पूरा किराया रेलवे द्वारा वसूल लिया जा रहा है। ऐसे ही कुछ मामले सोशल मीडिया में बीते 24 घंटे के दौरान वायरल हुए तो आननफानन में रेलवे बोर्ड को इस मामले में सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा।
बोर्ड द्वारा छह मार्च 2020 को जारी सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा गया कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यात्रा के लिए आरक्षण की आवश्यकता नहीं है और वे बिना टिकट के ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, अगर बर्थ की जरूरत है, तो टिकट बुक करके पूरे वयस्क किराए का भुगतान करना होगा।
5 से 12 साल तक के बच्चों के लिए यह है नियम
अगर आप ट्रेन में किसी 5 से 12 साल तक के बच्चे के साथ यात्रा कर रहे हैं तो आपको ऐसी स्थिति में आधा किराया देना होगा। मगर, आप रिजर्वेशन करवा कर यात्रा कर रहे हैं और आपको बच्चे के लिए पूरा बर्थ रिजर्व करना है तो उसके लिए पूरा किराया देना होगा। क्योंकि छह वर्ष पूर्व ही हाफ टिकट पर बच्चे को अलग से बर्थ देने की व्यवस्था खत्म कर दी गई। हाफ टिकट पर सफर की अनुमति रेलवे द्वारा जरूर दी जा रही है, लेकिन बच्चे को पूरी बर्थ नहीं मिलेगी।
नियम है कि अगर बर्थ लेनी है तो किराया पूरा लिया जाएगा। अगर, बर्थ नहीं चाहिए तो पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे फ्री सफर कर सकते हैं। - अमित सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल ।